उत्तर प्रदेश ने बास्केटबॉल में रचा इतिहास, पांच साल बाद अंडर-17 यूथ नेशनल चैंपियन बना
फाइनल में मध्य प्रदेश को 76-71 से हराकर जीता स्वर्ण पदक, दर्शिल सिंह बने टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी

पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश बास्केटबॉल के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित 41वीं यूथ बास्केटबॉल नेशनल चैंपियनशिप में उत्तर प्रदेश की अंडर-17 बालक टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच साल बाद राष्ट्रीय चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। फाइनल मुकाबले में उत्तर प्रदेश ने मध्य प्रदेश को 76-71 अंकों से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।27 अक्टूबर से 3 नवंबर तक आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों की टीमों ने हिस्सा लिया। पूरे टूर्नामेंट में उत्तर प्रदेश की टीम ने बेहतरीन खेल, अनुशासन और शानदार टीमवर्क का परिचय देते हुए खिताब तक का सफर तय किया।
लीग मुकाबलों से ही दिखाया दमखम
उत्तर प्रदेश की टीम ने प्रतियोगिता में अपने अभियान की शुरुआत आक्रामक अंदाज में की। लीग मुकाबलों में गुजरात, हरियाणा, राजस्थान और तेलंगाना की टीमों को हराकर यूपी ने अपनी मजबूत दावेदारी पेश की। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में चंडीगढ़ को 94-43 अंकों के बड़े अंतर से पराजित कर सेमीफाइनल में जगह बनाई।
सेमीफाइनल में तमिलनाडु को दी शिकस्त
सेमीफाइनल मुकाबले में उत्तर प्रदेश का सामना तमिलनाडु से हुआ। मुकाबले के तीसरे क्वार्टर तक यूपी की टीम 10 अंकों से पीछे चल रही थी। हालांकि, खिलाड़ियों ने शानदार वापसी करते हुए मुकाबले का रुख पलट दिया। कोचों की रणनीति और खिलाड़ियों के बेहतरीन तालमेल के दम पर उत्तर प्रदेश ने 82-80 अंकों से रोमांचक जीत दर्ज कर फाइनल में प्रवेश किया।
फाइनल में मध्य प्रदेश को हराकर जीता खिताब
फाइनल मुकाबले में उत्तर प्रदेश के सामने टूर्नामेंट की मजबूत दावेदार मध्य प्रदेश की टीम थी। मध्य प्रदेश ने तीसरे क्वार्टर तक 59-50 अंकों की बढ़त बना रखी थी, लेकिन अंतिम क्वार्टर में उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों ने जबरदस्त खेल दिखाया। शानदार आक्रामकता और मजबूत रक्षात्मक रणनीति के साथ यूपी ने वापसी करते हुए मुकाबला 76-71 अंकों से जीत लिया और पांच साल बाद राष्ट्रीय चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
दर्शिल सिंह बने टूर्नामेंट के MVP
प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश के दर्शिल सिंह को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए टूर्नामेंट का सबसे मूल्यवान खिलाड़ी (MVP) चुना गया। उन्हें 50 हजार रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की गई। वहीं चैंपियन उत्तर प्रदेश की टीम को तीन लाख रुपये की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया।
बास्केटबॉल एसोसिएशन ने दी बधाई
उत्तर प्रदेश बास्केटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील दत्ता और सचिव दिलीप सिंह ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर सभी खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने कोच हरेंद्र, उमर और आराध्या मिश्रा के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि यह जीत खिलाड़ियों की मेहनत, समर्पण और प्रशिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन का परिणाम है। एसोसिएशन की उपाध्यक्ष सीमा शर्मा ने कहा कि टीम ने एकजुटता और शानदार खेल भावना का परिचय देते हुए प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।उत्तर प्रदेश में बास्केटबॉल को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में एसोसिएशन के संरक्षक आलोक शर्मा की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है।उत्तर प्रदेश की इस ऐतिहासिक जीत से प्रदेश के बास्केटबॉल जगत में खुशी की लहर है। पांच साल बाद राष्ट्रीय खिताब जीतने वाली अंडर-17 बालक टीम की यह उपलब्धि प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।



