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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के बयान पर छिड़ी बहस, कंगना रनौत ने किया समर्थन; सोशल मीडिया पर बंटी राय

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के बयान पर छिड़ी बहस, कंगना रनौत ने किया समर्थन; सोशल मीडिया पर बंटी राय

Kangana Ranaut Supports Anandiben Patel: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के एक बयान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गया है। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल द्वारा महिलाओं को लेकर दिए गए बयान पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। इस बीच अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने राज्यपाल का समर्थन करते हुए एक पोस्ट साझा किया, जिसके बाद बहस और तेज हो गई।

क्या था राज्यपाल का बयान?

कानपुर स्थित छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा था कि महिलाओं को आईएएस, आईपीएस या अन्य उच्च पदों पर पहुंचने से पहले एक अच्छी मां बनने की जिम्मेदारी को भी समझना चाहिए। उनका यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।

कई लोगों ने इसे महिलाओं की भूमिका को पारंपरिक दायरे में सीमित करने वाली सोच बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसे परिवार और समाज में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करने वाला बयान माना।

कंगना रनौत ने किया समर्थन

विवाद बढ़ने के बीच भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक लंबा पोस्ट साझा कर राज्यपाल के विचारों का समर्थन किया।

कंगना ने अपने बचपन का जिक्र करते हुए लिखा कि जहां उनके भाई क्रिकेट और फुटबॉल खेलते थे, वहीं उन्हें घर-घर खेलने, गुड़ियों के लिए कपड़े बनाने और उनका ख्याल रखने में आनंद आता था। उन्होंने कहा कि बचपन से ही उनमें देखभाल और पालन-पोषण की भावना स्वाभाविक रूप से मौजूद थी।

अपने पोस्ट में कंगना ने यह भी कहा कि महिलाओं में दूसरों की देखभाल करने, परिवार को संभालने और बच्चों का पालन-पोषण करने की क्षमता प्रकृति द्वारा दी गई विशेषता है। उन्होंने इसे महिलाओं की शक्ति और मातृत्व से जोड़ते हुए कहा कि समाज में महिलाओं को देवी, शक्ति, अन्नपूर्णा और माता जैसे सम्मानजनक नामों से संबोधित किया जाता है।

सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया

कंगना रनौत का पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कुछ लोगों ने उनके विचारों का समर्थन करते हुए कहा कि मातृत्व और परिवार की जिम्मेदारी को महत्व देना गलत नहीं है।

हालांकि, बड़ी संख्या में यूजर्स ने कंगना के बयान की आलोचना भी की। आलोचकों का कहना है कि महिलाओं की पहचान केवल मां या परिवार की देखभाल करने वाली भूमिका तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उनका तर्क है कि आधुनिक समाज में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना रही हैं और उन्हें किसी एक भूमिका तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए।

बहस का केंद्र बना महिला सशक्तिकरण

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और कंगना रनौत के बयानों के बाद महिला सशक्तिकरण, करियर और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। एक वर्ग का मानना है कि परिवार और मातृत्व समाज की महत्वपूर्ण इकाई हैं, जबकि दूसरा वर्ग महिलाओं की स्वतंत्र पहचान और पेशेवर उपलब्धियों को प्राथमिकता देने की बात कर रहा है।

फिलहाल यह मुद्दा सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है और विभिन्न वर्गों के लोग अपने-अपने नजरिए से इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

 

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