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बरबर में गूंजा बेटियों के सम्मान का तराना - 'बेटियां रहमत हैं' जलसे में हजारों का हुजूम, उलेमा की तकरीर पर झूमे लोग

बरबर में गूंजा बेटियों के सम्मान का तराना - 'बेटियां रहमत हैं' जलसे में हजारों का हुजूम, उलेमा की तकरीर पर झूमे लोग

  • बेटियों की इज्जत, परवरिश और इस्लामी तालीम पर उलेमा ने रखी बात, मोबाइल और सोशल मीडिया को लेकर दी नसीहत
  • शायरों ने कलाम से बांधा समां, निकाह के बाद बीवी से मोहब्बत का पैगाम दिया कासमी ने
  • तौफीक खान एडवोकेट और जमील बेग ने किया आयोजन, सुरक्षा में रहे चौकी प्रभारी

पायनियर संवाददाता बरबर खीरी

बरबर सब्जी मंडी में ‘बेटियां रहमत हैं’ के उनवान से एक अजीमुश्शान दीनी जलसे का आयोजन किया गया। जलसे का आगाज कारी वसी अहमद ने कुरआन-ए-पाक की तिलावत से किया, जबकि निजामत के फराइज मौलाना उबैद साहब ने अंजाम दिए।

जलसे में मौलाना जावेद असलम ने शुरुआती बयान में इस्लाम में बेटियों के मुकाम पर रोशनी डालते हुए कहा कि इस्लाम ने बेटियों को इज्जत और सम्मान का आला मुकाम दिया है। उन्होंने महिलाओं के लिए पर्दे की अहमियत बताते हुए हया और पाकीजगी के साथ जिंदगी गुजारने की नसीहत दी।

इस मौके पर मऊनाथ भंजन, आजमगढ़ से तशरीफ लाए मशहूर शायर फारूक दिलकश ने अपने कलाम से महफिल को नूरानी बना दिया 

"उनके घर में जन्नत की खिड़कियां नहीं होतीं,

जिनके घर के आंगन में बेटियां नहीं होतीं।"

वहीं शायर कारी सरताज अहमद ने कहा -

"वो है नादान जो है कहते जहमतें हैं बेटियां,

मुस्तफा फरमा रहे हैं रहमतें हैं बेटियां।

बाप अगर बीमार हो तो बेटियां आ जाती हैं,_

सच है ऐ सरताज, दिल की राहतें हैं बेटियां।"

जलसे के मेहमान-ए-खुसूसी हजरत मौलाना इनाम साहब कासमी, कासगंज ने निकाह के बाद बीवी के साथ नरमी, मोहब्बत और अच्छे अखलाक से पेश आने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हर बेटी किसी की लाडली होती है, इसलिए महिलाओं पर जुल्म-ओ-जयादती करना सख्त गुनाह है।

जलसे की सदारत सैयद शाह वासिफ हसन साहब, सज्जादानशीन खानकाह आलिया वारसी हसनिया, टीला पीर मोहम्मद शाह, लखनऊ ने की।

आखिरी बयान मौलाना अखलाक साहब, सदर जमीयत उलमा-ए-हिंद, लखीमपुर खीरी ने किया। उन्होंने मौजूदा मोबाइल और सोशल मीडिया के दौर में बेटियों व बहनों को इस्लामी तालीम के मुताबिक जिंदगी गुजारने, गैर-महरम से एहतियात बरतने और मोबाइल का इस्तेमाल सिर्फ तालीम जैसे सकारात्मक कामों में करने की नसीहत दी।इस दीनी जलसे का आयोजन तौफीक खान एडवोकेट और जमील बेग की जानिब से किया गया। कार्यक्रम में हजारों की तादाद में लोग शरीक हुए। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर चौकी प्रभारी भी मौजूद रहे।

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