स्वतंत्रनिर्भीक पत्रकारिता
BREAKING NEWS
मनदीप सिंह की शानदार हैट्रिक की मदद से पांच बार के चैंपियन भारत ने बांग्लादेश को 13-0 से रौंदाAB-PMJAY के अंतर्गत मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा हेतु पोर्टल को Go-Live करने की सहमतिराठ महाविद्यालय पैठाणी बना महिला कबड्डी चैंपियनई-कचरे को सामान्य कूड़े में न डालें, अधिकृत केंद्रों पर ही दें: पालिकाप्रदेश अध्यक्ष से नहीं हुई मुलाकात , भाजपा कार्यालय से लौटे कई नेतासीतापुर रेलवे फाटक पर जाम से जूझ रहे लोगसीनियर महिला टी-20 ट्रॉफी (एलीट ग्रुप-सी): चार्ली सोलंकी के नाबाद शतक से गुजरात ने सिक्किम को 8 विकेट से रौंदादेवा मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर एसपी की पैनी नजर, सीसीटीवी और ट्रैफिक प्रबंधन का लिया जायजामेरठ की दोनों एमएलसी सीटें भाजपा के खाते में, दिनेश गोयल और श्रीचंद शर्मा विजयीअक्षत जायसवाल की 74 रनों की पारी, अमोघ मंध्यान ने झटके चार विकेट; डीपीएस एल्डेको की शानदार जीतमनदीप सिंह की शानदार हैट्रिक की मदद से पांच बार के चैंपियन भारत ने बांग्लादेश को 13-0 से रौंदाAB-PMJAY के अंतर्गत मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा हेतु पोर्टल को Go-Live करने की सहमतिराठ महाविद्यालय पैठाणी बना महिला कबड्डी चैंपियनई-कचरे को सामान्य कूड़े में न डालें, अधिकृत केंद्रों पर ही दें: पालिकाप्रदेश अध्यक्ष से नहीं हुई मुलाकात , भाजपा कार्यालय से लौटे कई नेतासीतापुर रेलवे फाटक पर जाम से जूझ रहे लोगसीनियर महिला टी-20 ट्रॉफी (एलीट ग्रुप-सी): चार्ली सोलंकी के नाबाद शतक से गुजरात ने सिक्किम को 8 विकेट से रौंदादेवा मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर एसपी की पैनी नजर, सीसीटीवी और ट्रैफिक प्रबंधन का लिया जायजामेरठ की दोनों एमएलसी सीटें भाजपा के खाते में, दिनेश गोयल और श्रीचंद शर्मा विजयीअक्षत जायसवाल की 74 रनों की पारी, अमोघ मंध्यान ने झटके चार विकेट; डीपीएस एल्डेको की शानदार जीत

रश्मिका मंदाना की ट्रोलिंग पर मधु का करारा जवाब, अपने संघर्ष याद कर बोलीं- मुझे 35 साल लगे

रश्मिका मंदाना की ट्रोलिंग पर मधु का करारा जवाब, अपने संघर्ष याद कर बोलीं- मुझे 35 साल लगे

एंटरटेनमेंट डेस्क: रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा के ‘कॉफी विद करण’ में नजर आने के बाद सोशल मीडिया पर दोनों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। रिलेशनशिप से जुड़े सवालों के बीच रश्मिका के हिंदी उच्चारण और साउथ इंडियन एक्सेंट को लेकर भी उन्हें ट्रोल किया जा रहा है। अब अभिनेत्री मधु रश्मिका के समर्थन में सामने आई हैं। उन्होंने न सिर्फ रश्मिका के आत्मविश्वास की तारीफ की, बल्कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपने शुरुआती दिनों के संघर्षों को भी याद किया।

एक्सेंट पर ट्रोलिंग को रश्मिका ने कैसे संभाला?

‘कॉफी विद करण’ में रश्मिका मंदाना ने अपने उच्चारण और भाषा को लेकर होने वाली आलोचना पर बात की थी। उनका कहना था कि वह दक्षिण भारत से आती हैं, इसलिए उनकी हिंदी में दक्षिण भारतीय एक्सेंट का प्रभाव होना स्वाभाविक है। इसी मुद्दे पर मधु ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर रश्मिका की तारीफ की।

मधु ने कहा कि उन्हें टॉक शो में रश्मिका का आलोचनाओं को संभालने का तरीका बहुत पसंद आया। एक्ट्रेस ने जिस सहजता से अपने एक्सेंट को स्वीकार किया और अपनी पहचान पर गर्व जताया, वह काबिल-ए-तारीफ है। मधु के मुताबिक, रश्मिका ट्रोलिंग पर हंसकर प्रतिक्रिया देती हैं और खुद को बदलने के दबाव में नहीं आतीं।

अपने करियर में मधु भी एक्सेंट को लेकर थीं परेशान

रश्मिका के समर्थन में मधु ने बताया कि जब उन्होंने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था, तब उन्हें भी अपने दक्षिण भारतीय एक्सेंट को लेकर काफी डर लगता था। उन्हें लगता था कि लोग उनकी भाषा और उच्चारण के आधार पर उन्हें जज करेंगे।

मधु ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वह अपनी हिंदी सुधारने के लिए लगातार मेहनत करती थीं। उन्होंने उर्दू की टीचर रखने की कोशिश की और भाषा पर अपनी पकड़ बेहतर बनाने के लिए कई प्रयास किए। वह नहीं चाहती थीं कि उनके एक्सेंट की वजह से लोग उनकी आलोचना करें।

अभिनेत्री ने कहा कि जब लोग उनकी हिंदी की तारीफ करते थे और कहते थे कि वह हिंदी बोलने वालों से भी बेहतर बोलती हैं, तो उन्हें बहुत खुशी और गर्व महसूस होता था। उस दौर में वह अपने उच्चारण को लेकर काफी सतर्क रहती थीं।

'आज साउथ इंडियन होने पर गर्व है'

मधु ने कहा कि आज उनकी सोच बदल चुकी है। अब उन्हें यह कहने में गर्व महसूस होता है कि वह दक्षिण भारतीय हैं। अगर उनकी हिंदी में कोई गलती हो जाए या उनके उच्चारण में दक्षिण भारतीय लहजा सुनाई दे, तो उन्हें इससे कोई परेशानी नहीं है।

हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि इस आत्मविश्वास तक पहुंचने में उन्हें 30 से 35 साल का समय लगा। रश्मिका को शुभकामनाएं देते हुए मधु ने कहा कि उन्हें अच्छा लगा कि एक्ट्रेस अपने एक्सेंट को अपनाती हैं, आलोचनाओं पर हंसती हैं और अपनी पहचान को लेकर सहज रहती हैं। उन्होंने रश्मिका से इसी तरह आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते रहने की बात कही।

भाषा नहीं, प्रतिभा से हो कलाकार की पहचान

मधु का रश्मिका के समर्थन में सामने आना भाषा और क्षेत्रीय पहचान को लेकर होने वाली ऑनलाइन ट्रोलिंग पर एक अहम सवाल खड़ा करता है। अलग-अलग भाषाई पृष्ठभूमि से आने वाले कलाकार जब हिंदी सिनेमा में काम करते हैं, तो उनके उच्चारण में क्षेत्रीय प्रभाव होना स्वाभाविक है। ऐसे में किसी कलाकार की प्रतिभा को सिर्फ एक्सेंट के आधार पर आंकना उचित नहीं है।

मधु का संदेश साफ है कि अपनी पहचान स्वीकार करने में शर्म नहीं, बल्कि गर्व होना चाहिए। रश्मिका के प्रति उनका समर्थन सोशल मीडिया पर चल रही आलोचनाओं के बीच एक सकारात्मक संदेश देता है।

साझा करें:fxw
हर खबर, हर पल — जुड़े रहें!हर बड़ी खबर सबसे पहले पाने के लिए हमारे न्यूज़लेटर से जुड़ें