योगी सरकार का दिव्यांग बच्चों को बड़ा तोहफा, चित्रकूट में 5.62 करोड़ से बनेगा बचपन डे केयर सेंटर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने दिव्यांग बच्चों के कल्याण और पुनर्वास से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए चित्रकूट में बचपन डे केयर सेंटर के भवन निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल लागत 5 करोड़ 62 लाख 82 हजार रुपये तय की गई है। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए पहली किश्त के रूप में 3 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं।
दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की इस पहल का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों के विकास, देखभाल और पुनर्वास के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं तैयार करना है। भवन निर्माण की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति जारी होने के बाद अब परियोजना को निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत आगे बढ़ाया जाएगा।
दिव्यांग बच्चों के विकास पर सरकार का फोकस
दिव्यांग बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। चित्रकूट में बचपन डे केयर सेंटर की स्थापना इसी दिशा में उठाया गया कदम है। इस केंद्र के लिए भवन तैयार होने से जिले में दिव्यांग बच्चों के कल्याण और पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए जरूरी आधारभूत ढांचा विकसित किया जा सकेगा।
इस परियोजना के जरिए बच्चों की जरूरतों के अनुरूप सुविधाओं के विकास की उम्मीद है। इससे दिव्यांग बच्चों के परिवारों को भी सहायता मिल सकती है। हालांकि, केंद्र में उपलब्ध कराई जाने वाली विशिष्ट सेवाओं और उनके संचालन की विस्तृत जानकारी स्वीकृति संबंधी आदेश में नहीं दी गई है।
पहली किश्त के तौर पर मिले 3 करोड़ रुपये
शासन ने बचपन डे केयर सेंटर के भवन निर्माण के लिए कुल 562.82 लाख रुपये की लागत को स्वीकृति दी है। इसमें से 300 लाख रुपये की पहली किश्त जारी की गई है। यानी परियोजना की शुरुआत के लिए सरकार ने तीन करोड़ रुपये उपलब्ध कराए हैं।
निर्धारित नियमों के मुताबिक, स्वीकृत धनराशि का इस्तेमाल आवश्यकता के अनुसार किश्तों में किया जाएगा। इसके साथ ही खर्च की प्रक्रिया निर्धारित वित्तीय प्रावधानों के अनुरूप पूरी करनी होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बजट का उपयोग स्वीकृत उद्देश्य के लिए ही किया जाएगा।
गुणवत्ता से समझौता नहीं, नियमों का पालन जरूरी
परियोजना के निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए शासन ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। भवन निर्माण का कार्य सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के बाद ही शुरू किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, निर्माण से पहले सभी आवश्यक वैधानिक अनापत्तियां और पर्यावरणीय क्लियरेंस प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
निर्माण कार्य के दौरान निर्धारित मानकों, तकनीकी विशिष्टियों और गुणवत्ता संबंधी नियमों का पालन करना होगा। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग और संबंधित कार्यदायी संस्था को इन शर्तों के अनुपालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे परियोजना को नियमानुसार पूरा करने पर जोर रहेगा।
शासन ने जारी किया आधिकारिक स्वीकृति पत्र
उत्तर प्रदेश शासन के संयुक्त सचिव राकेश कुमार यादव ने इस परियोजना के संबंध में निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग को आधिकारिक स्वीकृति पत्र जारी किया है। पत्र में निर्माण कार्य, धनराशि के इस्तेमाल और जरूरी औपचारिकताओं को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
चित्रकूट में बचपन डे केयर सेंटर के भवन निर्माण को मंजूरी और पहली किश्त जारी होने से परियोजना आगे बढ़ने का रास्ता खुला है। अब तकनीकी स्वीकृति और जरूरी क्लियरेंस की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जा सकेगा। परियोजना पूरी होने पर दिव्यांग बच्चों के विकास, देखभाल और पुनर्वास से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।



