स्वतंत्रनिर्भीक पत्रकारिता
BREAKING NEWS
सेंट फ्रांसिस स्कूल, गोमती नगर ने ‘एक्सप्रेशन 2026’ में द्वितीय स्थान प्राप्त कियाविधानसभा सत्र के सफल संचालन के बाद ऋषिकेश पहुँचे माननीय मुख्यमंत्री महोदय का नटराज चौक पर भव्य स्वागतपंकज चौधरी ने शिक्षक-स्नातक एमएलसी चुनाव के विजयी प्रत्याशियों को दी बधाई,बोले-भाजपा ने बरकरार रखीं सीटेंभाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक 30 अक्टूबर को, अमित शाह करेंगे उद्घाटनधान नहीं तुला तो राजभवन कूच कर गया किसानवोट चोरी से बनी भाजपा सरकार, अब जनता बदलाव चाहती है: राजा गुरजीत सिंहहरगांव में चोरों का आतंक: एक रात, चार घरों में धावा; 11 लाख के जेवर और 40 हजार नकदी पारजब नैमिषारण्य स्टेशन पर गूंजा ‘वंदे मातरम्’, सम्मान में झुके सिर, सपनों को मिले पंखसिंगाही में उच्च शिक्षा की नई उड़ान, खैरगढ़ रोड पर खुलेगा महाविद्यालय - प्रबंधक संजय तिवारी ने शुरू की जमीन की तलाशबरबर में गूंजा बेटियों के सम्मान का तराना - 'बेटियां रहमत हैं' जलसे में हजारों का हुजूम, उलेमा की तकरीर पर झूमे लोगसेंट फ्रांसिस स्कूल, गोमती नगर ने ‘एक्सप्रेशन 2026’ में द्वितीय स्थान प्राप्त कियाविधानसभा सत्र के सफल संचालन के बाद ऋषिकेश पहुँचे माननीय मुख्यमंत्री महोदय का नटराज चौक पर भव्य स्वागतपंकज चौधरी ने शिक्षक-स्नातक एमएलसी चुनाव के विजयी प्रत्याशियों को दी बधाई,बोले-भाजपा ने बरकरार रखीं सीटेंभाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक 30 अक्टूबर को, अमित शाह करेंगे उद्घाटनधान नहीं तुला तो राजभवन कूच कर गया किसानवोट चोरी से बनी भाजपा सरकार, अब जनता बदलाव चाहती है: राजा गुरजीत सिंहहरगांव में चोरों का आतंक: एक रात, चार घरों में धावा; 11 लाख के जेवर और 40 हजार नकदी पारजब नैमिषारण्य स्टेशन पर गूंजा ‘वंदे मातरम्’, सम्मान में झुके सिर, सपनों को मिले पंखसिंगाही में उच्च शिक्षा की नई उड़ान, खैरगढ़ रोड पर खुलेगा महाविद्यालय - प्रबंधक संजय तिवारी ने शुरू की जमीन की तलाशबरबर में गूंजा बेटियों के सम्मान का तराना - 'बेटियां रहमत हैं' जलसे में हजारों का हुजूम, उलेमा की तकरीर पर झूमे लोग

गलत इंजेक्शन से मासूम की मौत का आरोप, निजी अस्पताल में हंगामा

गलत इंजेक्शन से मासूम की मौत का आरोप, निजी अस्पताल में हंगामा

परिजनों ने इलाज में लापरवाही और शव रोकने का लगाया आरोप

पायनियर समाचार सेवा

लखनऊ। गोमतीनगर स्थित एक निजी अस्पताल में नौ माह की मासूम बच्ची की इलाज के दौरान हुई मौत के बाद गुरुवार को जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में घोर लापरवाही, गलत इंजेक्शन लगाने और बकाया बिल का भुगतान न होने तक शव रोककर रखने का गंभीर आरोप लगाया। सूचना पर गोमतीनगर पुलिस मौके पर पहुंची और काफी देर तक चली बातचीत के बाद मामला शांत कराया। बाद में अस्पताल ने बच्ची का शव परिजनों को सौंप दिया। जानकारी के मुताबिक गोमतीनगर स्थित वात्सल्य अस्पताल का है। बाराबंकी जिले के मसौली थाना क्षेत्र के मौली गांव निवासी लाल बाबू की नौ माह की बेटी आस्था की बुधवार देर रात अचानक तबीयत बिगड़ गई।

परिजन पहले उसे बाराबंकी के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताते हुए तत्काल लखनऊ रेफर कर दिया। गुरुवार सुबह करीब छह बजे बच्ची को वात्सल्य अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती होने के बाद बच्ची को आईसीयू में रखा गया, लेकिन डॉक्टरों और स्टाफ ने समय रहते सही इलाज नहीं किया।

उनका कहना है कि इलाज के दौरान बच्ची को गलत इंजेक्शन लगा दिया गया, जिससे उसकी हालत और बिगड़ गई और करीब दो घंटे बाद उसकी मौत हो गई। मासूम की मौत के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने लगभग 15 हजार रुपए का बिल थमा दिया और भुगतान होने तक शव देने से इनकार कर दिया। इस दौरान अस्पताल परिसर में काफी देर तक हंगामा होता रहा। सूचना पर गोमतीनगर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से बातचीत कर मामला शांत कराया। इसके बाद बिल का भुगतान कराया गया और अस्पताल प्रशासन ने बच्ची का शव परिजनों को सौंप दिया।

कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

घटना के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि इलाज में लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

बच्ची पहले से गंभीर थी, शव रोकने की पुष्टि नहीं

गोमतीनगर पुलिस का कहना है कि बच्ची की तबीयत पहले से ही गंभीर थी। उसे बाराबंकी के निजी अस्पताल से रेफर कर लखनऊ लाया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार शव रोकने या जबरन बिल वसूलने जैसी बात की पुष्टि नहीं हुई है। परिजन बच्ची का शव लेकर अपने घर चले गए हैं और फिलहाल मामला शांत है। यदि किसी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत मिलती है तो जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।।

निजी अस्पतालों पर फिर उठे सवाल

राजधानी में लगातार निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में रही है। शहर के कई आवासीय इलाकों में नियमों के विपरीत व्यावसायिक अस्पताल संचालित होने के आरोप लगते रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मरीजों को एंबुलेंस और रेफरल नेटवर्क के जरिए निजी अस्पतालों तक पहुंचाने का खेल चल रहा है। आरोप है कि रेफर किए गए मरीजों के बदले कमीशन का लेन-देन भी होता है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस घटना के बाद निजी अस्पतालों की कार्यशैली और निगरानी व्यवस्था एक बार फिर चर्चा में आ गई है।

साझा करें:fxw
हर खबर, हर पल — जुड़े रहें!हर बड़ी खबर सबसे पहले पाने के लिए हमारे न्यूज़लेटर से जुड़ें