टूटते घरों को जोड़ा, उजड़ते रिश्तों में भरा प्यार - मिशन शक्ति ने दिखाया चमत्कार
महिला थाने में इंसाफ के साथ मिला इमोशनल टच, 11 जोड़ों ने फिर थामा एक-दूसरे का हाथ

लखीमपुर-खीरी। उत्तर प्रदेश शासन के मिशन शक्ति फेज-6.0 अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग के निर्देशन में महिला थाने में बिखरते परिवारों को जोड़ने की अनोखी पहल की गई। महिला थानाध्यक्ष बबीता पटेल ने काउंसलर कय्यूम जरवानी के सहयोग से पारिवारिक कलह से जूझ रहे 11 परिवारों में सुलह-समझौता कराकर पति-पत्नी की हंसी-खुशी विदाई कराई।महिला थानाध्यक्ष बबीता पटेल ने कहा कि उनकी प्रथम प्राथमिकता पति-पत्नी के बीच कलह के कारण बिखरते परिवारों को सुलह-समझौते से बचाना है। घर टूटने से बच्चों का भविष्य खराब होता है, इसलिए हमारा प्रयास रहता है कि छोटी-छोटी बातों को सुलह से सुलझाया जाए।
थाने पर कुल 20 मामलों में काउंसलिंग की गई। जिसमें दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और साझी गृहस्थी में निवास को लेकर विवाद के मामले थे। 11 जोड़ों में पूरी तरह सुलह हो गई, जबकि 6 मामलों में अत्यधिक मनमुटाव होने पर सोचने का समय दिया गया है और 3 मामलों में सुलह संभव नहीं हो सकी।
काउंसलर कय्यूम जरवानी ने बताया कि ज्यादातर विवाद छोटी-छोटी गलतफहमियों और तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप से बढ़ते हैं। काउंसलिंग के दौरान दोनों पक्षों को सुनकर उनकी सोच में सकारात्मक बदलाव लाया गया, जिसके बाद उन्होंने साथ रहने का फैसला लिया।
महिला आरक्षी सारिका चौहान ने कहा कि सुलह के दौरान सभी महिलाओं को मिशन शक्ति अभियान के तहत हेल्पलाइन नंबर 1090, 112, 181 और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं जैसे कन्या सुमंगला योजना, सामूहिक विवाह योजना और निराश्रित महिला पेंशन योजना की जानकारी देकर जागरूक भी किया गया।
इस अवसर पर महिला थाने के उपनिरीक्षक अरशद नदीम, महिला आरक्षी सुमन लता, रेखा गौड़, सारिका चौहान सहित पक्षकारों के परिजन भी मौजूद रहे।



