सुरेंद्र कोली की मौत पर परिजनों ने जताई हत्या की आशंका, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

पायनियर समाचार सेवा। हरिद्वार। निठारी कांड से चर्चित रहे सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में हुई मौत को लेकर परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। सुरेंद्र कोली का शव शुक्रवार को लालमाता मंदिर के सामने स्थित चाय के खोखे में पंखे से फंदे पर लटका मिला था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। प्रारंभिक तौर पर पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला माना था। मृतक की जेब से मिले आधार कार्ड के आधार पर उसकी पहचान सुरेंद्र कोली पुत्र शंकर राम कोली, निवासी सेक्टर-31, नोएडा के रूप में हुई।
मौत की सूचना मिलने के बाद सुरेंद्र के बड़े भाई, बेटे और गांव के अन्य लोग हरिद्वार पहुंचे। परिजनों के साथ पहुंचे पूर्व जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत ने मामले को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई। उनका कहना है कि जिस खोखे में शव मिला, उसकी ऊंचाई कम है और गले में बंधी रस्सी की गांठ भी उन्हें संदिग्ध लग रही है। उन्होंने मुंह और नाक से खून निकलने तथा दुकान का शटर खुला मिलने का भी हवाला दिया। हालांकि इन दावों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। नारायण सिंह रावत के अनुसार, न्यायालय से करीब 20 साल बाद सुरेंद्र कोली को राहत मिली थी, लेकिन जेल से बाहर आने के बाद उसके सामने रोजगार और आर्थिक कठिनाइयां थीं। उन्होंने बताया कि सुरेंद्र कुछ समय दिल्ली, चेन्नई और चंडीगढ़ में रहा था। कुछ दिन पहले वह अपने गांव गया और वहां से हरिद्वार आया था। यहां वह चाय की दुकान चलाकर दोबारा जीवन शुरू करने का प्रयास कर रहा था। जानकारी के मुताबिक, सुरेंद्र करीब तीन महीने पहले हरिद्वार आया था और यहां अपनी पहचान छिपाकर ‘सदाराम’ नाम से रह रहा था। चार दिन पहले ही उसने अनिल शर्मा से दुकान किराये पर ली थी। आसपास के लोगों को भी उसकी वास्तविक पहचान की जानकारी नहीं थी। हरिद्वार के सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।



