सरदार पटेल न होते तो न होता एकजुट और अखण्ड भारत-जगदीश सिंह
सबसे ऊँचे सरदार विषय पर गोष्ठी हुई सम्पन्न

पायनियर । सोनभद्र
भारत रत्न लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी, पिछड़ा वर्ग मोर्चा के नेतृत्व में जिला कार्यालय पर ‘सबसे ऊँचे सरदार’ विषय पर गोष्ठी सम्पन्न हुई। गोष्ठी के मुख्यअतिथि जिला सहकारी बैंक मिर्जापुर चेयरमैन जगदीश सिंह पटेल, अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष नन्द लाल व संचालन जिला महामंत्री अशोक कुमार मौर्या ने किया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए जिला सहकारी बैंक मिर्जापुर के चेयरमैन जगदीश सिंह पटेल ने कहा कि 1947 में जब देश आजाद हुआ तब लगभग 565 रियासतें थी अंग्रेजों ने उन्हे भारत में मिलने या स्वतंत्र रहने का विकल्प दे दिया था यह देश के टुकड़े टुकड़े होने का गंभीर खतरा था सरदार पटेल ने वीपी मेनन के सहयोग से साम दाम और दृढ़ निश्चय की नीति अपनाकर अधिकांश रियासतों को शांतिपूर्वक भारतीय संघ में मिलाया जुनागढ़ और हैदराबाद जैसी चुनौतीपूर्ण रियासतों का विलय में उनकी निर्णायक भूमिका रही।
हैदराबाद में सितंबर 1948 में पुलिस कार्यवाही आपरेशन पोलो उसी दृढ़ता का उदाहरण है यदि सरदार पटेल न होते तो आज एकजुट और अखण्ड भारत हमारे सामने न होता। गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष नन्दलाल ने कहा कि देशवासियों ने उन्हे सरदार की उपाधि दी स्वतंत्र भारत के पहले गृहमंत्री और उपप्रधानमंत्री के रुप में उन्होने ने देश की प्रशासनिक नींव मजबूत कि अखिल भारतीय सेवाओं की स्थापना में उनकी बड़ी भूमिका रही जिन्हे देश की स्टीमफ्रेम कहा जाता है।
इस मौके पर प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रामलखन सिंह, जिला महामंत्री संतोष शुक्ला, जिला उपाध्यक्ष बृजेश श्रीवास्तव, जिला मंत्री अनिल सिंह, जिलाध्यक्ष ओबीसी मोर्चा निशान्त कुशवाहा, अमन मौर्या,अभय पटेल, बलराम सोनी, बलदेव सिंह, विवेक तोमर, शिवम सिंह, छोटू पटेल, मनीष पटेल, शिवनाथ जायसवाल, महेश्वर चन्द्रवंशी, विनय श्रीवास्तव सहित आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।



