राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एम्स बिलासपुर के पहले दीक्षांत समारोह में 92 डॉक्टरों को दी डिग्री

बिलासपुर/मनाली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के
बिलासपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के पहले दीक्षांत समारोह में 2020 बैच के
92 डॉक्टरों को सम्मानित किया।
डॉक्टरों ने पारंपरिक कुर्ता-पायजामा और टोपी पहनकर अपनी डिग्री ली। राष्ट्रपति ने अपनी-अपनी
कैटेगरी में टॉप करने वाले पांच छात्रों को गोल्ड मेडल दिए और बाकी स्नातक डॉक्टरों को डिग्री बांटी।
समारोह की शुरुआत स्नातक बैच के ग्रुप फोटो से हुई। एम्स प्रशासन ने दीक्षांत समारोह के लिए पुरुष
और महिला दोनों स्नातकों के लिए ड्रेस कोड तय किया था।
राष्ट्रपति मुर्मु मंगलवार सुबह 10.35 बजे एम्स बिलासपुर हेलीपैड पर पहुंचीं और सीधे दीक्षांत स्थल पर
गईं। इस मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल और मुख्यमंत्री
सुखविंदर सुक्खू समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
समारोह के दौरान एम्स प्रशासन ने राष्ट्रपति मुर्मु को स्मृति चिह्न के रूप में पारंपरिक रणसिंघा भेंट
किया। उन्हें बाबा बालक नाथ और श्री नैना देवी की मूर्तियां भी उपहार के रूप में दी गईं। यह दीक्षांत
समारोह संस्थान और एमबीबीएस के पहले बैच के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
बिलासपुर कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति मनाली के लिए रवाना होंगी। 7 अक्टूबर को वह हिडिंबा मंदिर और
लाहौल-स्पीति जिले में रोहतांग स्थित अटल टनल का दौरा करेंगी। राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा घोषित
कार्यक्रम के अनुसार टनल का दौरा उनके आधिकारिक कार्यक्रम का हिस्सा है।
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए मंगलवार रात 8 बजे से बुधवार दोपहर 12 बजे तक पलचान से अटल
टनल रोहतांग की तरफ आम वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। इस दौरान तय रास्ते पर किसी भी तरह
के वाहन को जाने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपनी यात्रा की
योजना उसी हिसाब से बनाने और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की अपील की है। सुरक्षा और
ट्रैफिक के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
बता दें कि अटल टनल मनाली और लाहौल घाटी के बीच हर मौसम में संपर्क बनाए रखती है। अप्रैल में
खराब मौसम के कारण राष्ट्रपति का टनल दौरा रद्द हो गया था। राष्ट्रपति मुर्मु 8 अक्टूबर तक
हिमाचल दौरे पर रहेंगी और फिर नई दिल्ली लौट जाएंगी।
एम्स बिलासपुर का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2017 में किया था और 5 अक्टूबर
2022 को इसका उद्घाटन किया था। यह 247 एकड़ में फैला है और 1470 करोड़ से ज्यादा की लागत
से बना है। इसमें 18 स्पेशियलिटी, 17 सुपर स्पेशियलिटी विभाग, 18 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और
64 आईसीयू बेड सहित 750 बेड हैं। अस्पताल काजा, सलूनी और केलांग जैसे दुर्गम आदिवासी इलाकों
में हेल्थ कैंप भी लगाता है।



