मतदाता सूची में हेरफेर के आरोपों से गरमाई सियासत, सपा-कांग्रेस ने खोला मोर्चा

पायनियर संवाददाता पीलीभीत। एसआईआर के बाद मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मामला तूल पकड़ने लगा है। सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में हेरफेर के आरोप लगाते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दोनों दलों के नेताओं ने जिलाधिकारी आलोक कुमार से मुलाकात कर अलग-अलग ज्ञापन सौंपे और मामले की जांच कराने की मांग उठाई है। आरोपों के चलते मतदाता सूची का मुद्दा जिले में राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।
कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार ने सदर विधानसभा क्षेत्र में 13 हजार से अधिक वोटों में गड़बड़ी और कुल 16 हजार से अधिक वोटों में हेरफेर का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि सत्ता पक्ष के एक मौजूदा विधायक के इशारे पर अधिकारियों का कथित सिंडिकेट काम कर रहा था। उन्होंने मामले में तत्कालीन जिलाधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठाए और पूरे प्रकरण की सीबीआई से जांच कराने की मांग की। इस संबंध में उन्होंने डीएम आलोक कुमार को ज्ञापन सौंपकर आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग रखी।
उधर, समाजवादी पार्टी ने भी प्रेसवार्ता कर मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया। सपा जिलाध्यक्ष धर्मेश गंगवार, पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा और पूर्व मंत्री अनीस अहमद खां फूल बाबू ने सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में हेरफेर के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। सपा नेताओं का आरोप है कि सत्ता पक्ष के दबाव में अधिकारियों ने काम किया।
सपा नेताओं ने दावा किया कि एसआईआर के बाद भी मतदाताओं के ईपीआईसी यानी मतदाता पहचान पत्र नंबर बदले गए। उनके मुताबिक, इस तरह की गड़बड़ियों से मतदाताओं के मताधिकार पर असर पड़ने की आशंका है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने, मतदाता सूची में सामने आई गड़बड़ियों को दूर करने और सूची में आवश्यक सुधार कराने की मांग की।
दोनों राजनीतिक दलों ने अपने-अपने आरोपों और मांगों को लेकर डीएम से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपे हैं। हालांकि, मतदाता सूची में हेरफेर और अधिकारियों की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। अब मामले में प्रशासन की जांच और कार्रवाई पर निगाहें टिकी हैं।



