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बांदा में सपा के सांसद और विधायक के बीच मंच पर भिड़ंत, वीडियो वायरल होने से मचा राजनीतिक हलचल

बांदा में सपा के सांसद और विधायक के बीच मंच पर भिड़ंत, वीडियो वायरल होने से मचा राजनीतिक हलचल

बांदा: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में समाजवादी पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान अब सार्वजनिक रूप से सामने आ गई है। छत्रपति शाहूजी महाराज जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी के कार्यालय में सांसद कृष्णा देवी पटेल और बबेरू विधायक विशंभर सिंह यादव के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने जिले की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।

जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान मंच पर कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। इसी बीच सांसद कृष्णा देवी पटेल अपने संबोधन के दौरान कुछ मुद्दों पर बोल रही थीं, तभी किसी बात को लेकर विधायक विशंभर सिंह यादव ने आपत्ति जताई। देखते ही देखते दोनों नेताओं के बीच बहस शुरू हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।

वायरल वीडियो में दोनों नेताओं को एक-दूसरे से तीखी बहस करते हुए देखा जा सकता है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि विवाद कुछ समय तक लगातार चलता रहा, जिससे कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ता और समर्थक भी असहज हो गए। हालात तब और गंभीर हो गए जब दोनों पक्षों के समर्थक भी आमने-सामने आ गए। हालांकि, मौके पर मौजूद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और जिम्मेदार कार्यकर्ताओं ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाल लिया और विवाद को आगे बढ़ने से रोक दिया।

घटना के बाद सांसद कृष्णा देवी पटेल ने विधायक विशंभर सिंह यादव पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनके साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, उसके पीछे विधायक की भूमिका रही है। सांसद ने इस पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में इस तरह की स्थिति पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाती है।

वहीं दूसरी ओर विधायक विशंभर सिंह यादव ने सांसद द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक या संगठनात्मक चर्चा में मर्यादा और शालीनता बनाए रखना जरूरी है। विधायक ने दावा किया कि उन्होंने केवल अपनी बात रखने की कोशिश की थी और विवाद को अनावश्यक रूप से बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।

इस मामले में सांसद के पति शिव शंकर पटेल भी खुलकर सामने आए। उन्होंने विधायक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पूरे प्रकरण की शिकायत समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से की जाएगी। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विवाद केवल व्यक्तिगत मतभेद का मामला नहीं है, बल्कि जिले में पार्टी के भीतर मौजूद गुटबाजी की ओर भी संकेत करता है। खासकर ऐसे समय में जब 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, इस तरह की घटनाएं पार्टी संगठन के लिए चिंता का विषय बन सकती हैं।

फिलहाल समाजवादी पार्टी की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि वायरल वीडियो और नेताओं के बयानों ने बांदा की राजनीति में हलचल जरूर बढ़ा दी है। अब सबकी निगाहें पार्टी नेतृत्व पर टिकी हैं कि वह इस विवाद को किस तरह सुलझाता है और क्या कोई संगठनात्मक कार्रवाई की जाती है।

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