पिता की सियासी विरासत को आगे बढ़ाने की राह पर शाने अली, सपा में शामिल

बसपा छोड़कर अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सपा का थामा दामन, शिवपाल यादव और जिलाध्यक्ष धर्मेश गंगवार की मौजूदगी में ली सदस्यता
पायनियर संवाददाता। पीलीभीत
जिले की सियासत में शुक्रवार को एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। पूर्व कैबिनेट मंत्री मरहूम हाजी रियाज अहमद के पुत्र शाने अली ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को छोड़कर समाजवादी पार्टी (सपा) की सदस्यता ग्रहण कर ली। लखनऊ में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्हें पार्टी में शामिल कराया। इस मौके पर सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव और सपा जिलाध्यक्ष धर्मेश गंगवार भी मौजूद रहे।
शाने अली के सपा में शामिल होने को जिले की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। उनके पिता रियाज अहमद जिले की राजनीति का प्रमुख चेहरा रहे और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके थे। ऐसे में उनके पुत्र का बसपा छोड़कर सपा में आना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
राजनीतिक रूप से इस बदलाव को शाने अली के नए सियासी सफर की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। सपा में शामिल होने के बाद अब उनकी सक्रियता और पार्टी में संभावित भूमिका पर निगाहें रहेंगी। हालांकि, उन्हें संगठन में कोई पद या नई जिम्मेदारी दिए जाने को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
शाने अली के इस फैसले से जिले में सपा की राजनीति को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में उनकी राजनीतिक सक्रियता और पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी से यह स्पष्ट होगा कि वह जिले की सियासत में किस तरह अपनी भूमिका आगे बढ़ाते हैं।



