पीजी डॉक्टरों की हड़ताल स्थगित, कैबिनेट में आएगा स्टाइपेंड बढ़ाने का प्रस्ताव

देहरादून। स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर पिछले नौ दिनों से हड़ताल पर चल रहे पीजी डॉक्टरों ने स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के आश्वासन के बाद हड़ताल स्थगित कर दी है। स्वास्थ्य मंत्री ने बुधवार को दून अस्पताल पहुंचकर पीजी डॉक्टरों से मुलाकात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि स्टाइपेंड बढ़ाने से संबंधित प्रस्ताव तैयार कर शासन स्तर पर कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा।
इससे पहले पीजी डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल ने सचिव स्वास्थ्य विनय शंकर पांडे से भी मुलाकात की थी। सचिव स्वास्थ्य की ओर से भी डॉक्टरों को आश्वासन दिया गया कि उनका स्टाइपेंड बढ़ाने का मामला आगामी कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा।
आरडीए अध्यक्ष डॉ. अभिजीत राठी ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री और शासन के आश्वासन के बाद हड़ताल को अगली कैबिनेट बैठक तक स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि कैबिनेट बैठक में स्टाइपेंड बढ़ाने का प्रस्ताव नहीं लाया जाता है तो पीजी डॉक्टर दोबारा हड़ताल शुरू करने के लिए बाध्य होंगे।
डॉक्टरों ने यह भी स्पष्ट किया है कि दोबारा हड़ताल की स्थिति में इस बार आंदोलन की शुरुआत इमरजेंसी सेवाओं से की जाएगी। पिछले नौ दिनों से चली हड़ताल के कारण अस्पतालों में मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
प्रदेश में करीब 600 पीजी डॉक्टर हैं। डॉक्टर वर्तमान में मिलने वाले करीब 70 हजार रुपये मासिक स्टाइपेंड को बढ़ाकर 1.10 लाख रुपये किए जाने की मांग कर रहे हैं। शासन की ओर से प्रस्ताव कैबिनेट में रखे जाने के आश्वासन के बाद फिलहाल डॉक्टरों ने अपना आंदोलन रोक दिया है।



