न्यायालय में लंबित वादों का निस्तारण करना पहली प्राथमिकताःपाठक

पायनियर संवाददाता। उरई (जालौन)
अपर जिलाधिकारी न्यायिक के रूप में कार्यभार संभालने के बाद पीसीएस अधिकारी श्री शत्रुघ्न पाठक ने स्पष्ट करते हुए कहा कि न्यायालय में लंबित वादों का शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण उनकी प्रमुख प्राथमिकता रहेगी। उनके न्यायालय में नक्शा तरमीम, नक्शा दुरुस्ती, पट्टा निरस्तीकरण, नगर पालिका से संबंधित प्रकरणों तथा गुंडा एक्ट सहित विभिन्न मामलों की सुनवाई चल रही है।
एडीएम न्यायिक शत्रुघ्न पाठक 2019 बैच के पीसीएस अधिकारी हैं। इससे पूर्व उनकी तैनाती गोंडा एवं बस्ती की तहसीलों में उप जिलाधिकारी के पद पर रही है। उन्होंने कहा कि लंबित वादों के निस्तारण में तेजी लाने के साथ ही न्यायिक प्रक्रिया की गुणवत्ता और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि नक्शा तरमीम एवं दुरुस्ती से संबंधित मुकदमों में राजस्व विभाग से प्राप्त रिपोर्ट का भी गंभीरता से परीक्षण किया जाएगा। विशेष रूप से यह देखा जाएगा कि लेखपाल द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में सभी संबंधित पक्षों के तथ्यों और आपत्तियों का समुचित उल्लेख करते हुए उन्हें संतुष्ट किया गया है अथवा नहीं। एडीएम न्यायिक ने कहा कि प्रत्येक मामले में उपलब्ध अभिलेखों और तथ्यों का निष्पक्ष परीक्षण कर नियमानुसार निर्णय किया जाएगा, ताकि वादकारियों को अनावश्यक रूप से लंबे समय तक न्यायालय के चक्कर न लगाने पड़ें।



