जीरो पावर्टी अभियान में लापरवाही नहीं चलेगी, हर पात्र परिवार तक लाभ पहुंचाएं अधिकारी: सीएम योगी

लखनऊ, 8 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश में गरीब परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और विकास परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। गुरुवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की आठवीं 'सीएम-समीक्षा' बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जीरो पावर्टी अभियान केवल पात्र परिवारों की पहचान तक सीमित नहीं रहना चाहिए। प्रत्येक पात्र परिवार को संबंधित योजनाओं का लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में औद्योगिक निवेश, एक्सप्रेसवे, ऊर्जा, श्रमिक कल्याण, किसानों की सुविधाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल लाइब्रेरी की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी स्वीकार्य नहीं है। सभी संबंधित अधिकारी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराएं और प्रक्रियागत बाधाओं का तत्काल समाधान करें।
30,725 आवास स्वीकृत, पात्र परिवारों को योजनाओं से जोड़ने के निर्देश
जीरो पावर्टी अभियान की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि अभियान के तहत 12.50 लाख परिवार चिह्नित किए गए हैं। इनमें से करीब नौ लाख परिवार आवास के पात्र पाए गए हैं। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 30,725 आवासों को स्वीकृति दी जा चुकी है।
अभियान के अंतर्गत पात्र परिवारों को श्रमिक पंजीकरण, आयुष्मान कार्ड, अंत्योदय कार्ड, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने का काम भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब पात्र परिवारों को उनका लाभ समय पर मिले। उन्होंने अधिकारियों को लाभार्थियों की प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।
एक्सप्रेसवे निर्माण और औद्योगिक परियोजनाओं को मिलेगी गति
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में चल रही एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए भूमि अधिग्रहण और निविदा प्रक्रिया को तेजी से पूरा कराने पर जोर दिया। चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के लिए चार निविदाएं प्राप्त होने की जानकारी दी गई। अक्टूबर में निविदा प्रक्रिया पूरी करने की योजना है।
फर्रुखाबाद, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक, झांसी और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 80 से 91 प्रतिशत तक भूमि उपलब्ध हो चुकी है। दूसरी ओर, मेरठ-हरिद्वार, विंध्य और विंध्य-पूर्वांचल स्पर एक्सप्रेसवे के लिए सत्यापन कार्य पूरा हो गया है और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
ग्रेटर नोएडा के मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब की समीक्षा में बताया गया कि 323 हेक्टेयर में से 301 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा मिल चुका है। मुख्यमंत्री ने औद्योगिक और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को समयसीमा के भीतर पूरा कराने के निर्देश दिए।
कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास, संचालन नीति बनाने पर जोर
महिला श्रम सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से कामकाजी महिला छात्रावासों के निर्माण की प्रगति पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने छात्रावासों के निर्माण में तेजी लाने के साथ इनके संचालन के लिए एक प्रभावी नीति तैयार करने को कहा। सरकार का जोर निर्माण के साथ ऐसी व्यवस्थाएं विकसित करने पर है, जिससे इन सुविधाओं का उपयोग बेहतर तरीके से हो सके।
किसानों को मंडियों में नहीं होनी चाहिए परेशानी
मुख्यमंत्री ने मंडियों में साफ-सफाई और जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलभराव के कारण किसानों को परेशानी नहीं होनी चाहिए और मंडी परिसरों की नियमित निगरानी की जाए। किसानों को अपनी उपज लेकर आने और बिक्री करने के दौरान बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
अतिवृष्टि के बाद बिजली आपूर्ति बाधित होने वाले इलाकों में जल्द बहाली के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने बिजली शिकायतों के निस्तारण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि टोल फ्री नंबर 24×7 सक्रिय रहे और उपभोक्ताओं को सही बिजली बिल समय पर मिले। बिजली चोरी और लाइन लॉस की वास्तविक स्थिति जानने के लिए फीडरवार ऑडिट कराने को भी कहा गया।
फायर एनओसी और निर्माण कार्यों की होगी निगरानी
अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और होटलों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी संबंधित संस्थानों के पास वैध फायर एनओसी होनी चाहिए और उसकी अवधि समाप्त होने से पहले नवीनीकरण कराया जाए।
लोक निर्माण विभाग की 50 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 279 परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी कार्य अनुबंध के अनुसार समय से पूरा कराने को कहा।
11,350 ग्राम पंचायतों में बन रही डिजिटल लाइब्रेरी
ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और पठन-पाठन की सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 454 करोड़ रुपये की लागत से 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं। बैठक में बताया गया कि लाइब्रेरी के लिए शत-प्रतिशत एनबीटी पुस्तकें और 96 प्रतिशत फर्नीचर पहुंच चुका है। वहीं, 99 प्रतिशत लाइब्रेरी में पठन-पाठन शुरू हो गया है।
मुख्यमंत्री ने शेष हार्डवेयर की आपूर्ति जल्द पूरी कराने और रियल टाइम डैशबोर्ड के जरिए परियोजना की निगरानी करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि विकास परियोजनाओं में तेजी, जनसमस्याओं का त्वरित समाधान और योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।



