केजीएमयू में चौथे क्लबफुट प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ सफल आयोजन

- 150 से अधिक ऑर्थोपेडिक सर्जनों ने लिया हिस्सा, हुए कई प्रशिक्षण सत्र
पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स विभाग ने चौथे केजीएमयू क्लबफुट कार्यक्रम एवं पोंसेटी विधि प्रशिक्षण कार्यशाला का रविवार को सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह क्लबफुट उपचार के क्षेत्र में आयोजित अब तक की सबसे बड़ी व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यशालाओं में से एक रही, जिसमें 150 से अधिक ऑर्थोपेडिक सर्जनों एवं प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जन्मजात टेढ़े पैर (क्लबफुट) से प्रभावित बच्चों के उपचार के लिए चिकित्सकों के कौशल को बढ़ाना तथा पोंसेटी विधि के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण उपचार को अधिक से अधिक बच्चों तक पहुंचाना था। केजीएमयू इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का मेजबान संस्थान रहा।
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ आसपास के राज्यों से भी बड़ी संख्या में ऑर्थोपेडिक सर्जनों ने इसमें सहभागिता की। कार्यक्रम में क्लबफुट की विभिन्न प्रकार की विकृतियों, पिरानी स्कोरिंग, पोंसेटी विधि की बारीकियों, प्लास्टर कास्टिंग के दौरान होने वाली सामान्य गलतियों, टेनोटॉमी, फुट एबडक्शन ब्रेस तथा बड़े बच्चों में क्लबफुट एवं दोबारा उभरने वाली विकृतियों के प्रबंधन पर व्याख्यान आयोजित किए गए। कार्यशाला का प्रमुख आकर्षण व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र रहा, जिसमें प्रतिभागियों को रबर फुट मॉडल पर प्लास्टर लगाने, क्लबफुट की विकृति का आकलन करने तथा उपचार की विभिन्न प्रक्रियाओं को सीखने का अवसर मिला।
केजीएमयू का पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स विभाग,क्योर इंटरनेशनल इंडिया के सहयोग से, क्लबफुट से प्रभावित बच्चों के उपचार, अभिभावकों की काउंसलिंग तथा चिकित्सकों के प्रशिक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। विभाग का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले में क्लबफुट उपचार की उपलब्धता को बढ़ाना और यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी बच्चे को उपचार के अभाव में आजीवन शारीरिक अक्षमता का सामना न करना पड़े। कार्यक्रम के आयोजन में डॉ. विकास वर्मा (आयोजन अध्यक्ष), डॉ. सुरेश चंद (आयोजन सचिव) तथा डॉ. सैयद फैसल अफाक (वैज्ञानिक सचिव) की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



