काउंसलिंग से सुलझे छह दंपतियों के विवाद, डीआईजी ने प्रशस्ति चिह्न देकर किया सम्मानित

-मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत पुलिस लाइन में हुआ कार्यक्रम, दंपतियों से लिया गया काउंसलिंग और पुलिस के सहयोग का फीडबैक
शामली। पारिवारिक विवादों को बातचीत और काउंसलिंग के जरिए सुलझाने में पुलिस की भूमिका अहम साबित हो रही है। मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0 के तहत शुक्रवार को पुलिस लाइन शामली में सम्मान एवं फीडबैक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें सहारनपुर परिक्षेत्र के डीआईजी अभिषेक सिंह ने पुलिस की काउंसलिंग और सहयोग से वैवाहिक विवादों का सफल समाधान पाने वाले छह दंपतियों को प्रशस्ति चिह्न देकर सम्मानित किया। साथ ही उनसे बातचीत कर विवादों के निस्तारण और पुलिस से मिले सहयोग के बारे में जानकारी ली।
कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक शामली सुमित शुक्ला सहित संबंधित पुलिस अधिकारी और मिशन शक्ति टीम मौजूद रही। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सहायता और परामर्श के लिए चलाए जा रहे अभियान की प्रभावशीलता का आकलन करना और लाभार्थियों के सुझावों के आधार पर व्यवस्था को और बेहतर बनाना रहा। कार्यक्रम के दौरान डीआईजी अभिषेक सिंह ने सम्मानित दंपतियों से संवाद कर काउंसलिंग प्रक्रिया के अनुभव जाने। उनसे यह भी पूछा गया कि पुलिस की ओर से उपलब्ध कराए गए परामर्श और सहयोग से विवाद सुलझाने में कितनी मदद मिली। पुलिस का प्रयास है कि पारिवारिक विवादों में दोनों पक्षों के बीच संवाद, समझ और आपसी सामंजस्य विकसित कर समाधान का रास्ता निकाला जाए। इससे परिवारों को उचित मार्गदर्शन और जरूरी सहयोग मिल सके। डीआईजी ने मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिला संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करें। पीड़ित महिलाओं को समय पर सहायता उपलब्ध कराने के साथ काउंसलिंग और शिकायतों के न्यायोचित समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाए। मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों, महिला हेल्पलाइन नंबरों और विभिन्न सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया जा रहा है। पुलिस की ओर से महिला संबंधी शिकायतों पर आवश्यक परामर्श और सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। शामली पुलिस का कहना है कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं सशक्तिकरण के साथ पारिवारिक विवादों के समाधान के लिए काउंसलिंग और सहयोग की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।



