उत्तराखंड में विकास कार्यों और आपदा राहत के लिए धामी सरकार ने खोला खजाना, तीन प्रस्तावों को मंजूरी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए कई वित्तीय स्वीकृतियों को मंजूरी दी है। इन फैसलों के तहत देहरादून जिले में संसारी माता मंदिर के जीर्णोद्धार का शेष कार्य पूरा किया जाएगा, पिथौरागढ़ के गराली में पुलिया का निर्माण कराया जाएगा और उत्तरकाशी जिले में अतिवृष्टि तथा भूस्खलन से प्रभावित पांच परिवारों को छह महीने तक किराये के मकान में रहने के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी।
सेवलाकलां के संसारी माता मंदिर के लिए 49.95 लाख रुपये
देहरादून जिले के धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड संख्या 86, सेवलाकलां स्थित संसारी माता मंदिर के जीर्णोद्धार के अवशेष कार्य के लिए मुख्यमंत्री ने 49.95 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस स्वीकृति का उद्देश्य मंदिर से जुड़े अधूरे जीर्णोद्धार कार्य को पूरा करना है।
स्थानीय स्तर पर धार्मिक स्थलों के रखरखाव और सुधार से जुड़े कार्यों को पूरा करने के लिए यह धनराशि उपयोगी होगी। स्वीकृति मिलने के बाद संबंधित कार्य को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है।
गराली में पुलिया निर्माण के लिए पहली किश्त मंजूर
पिथौरागढ़ जिले के डीडीहाट विधानसभा क्षेत्र के गराली में पुलिया निर्माण के लिए 58.14 लाख रुपये की कुल वित्तीय स्वीकृति दी गई है। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना के लिए पहली किश्त के तौर पर 34.88 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत किए जाने का अनुमोदन भी प्रदान किया है।
पुलिया निर्माण स्थानीय बुनियादी ढांचे से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य है। परियोजना के लिए पहली किश्त की मंजूरी मिलने से निर्माण संबंधी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
भूस्खलन प्रभावित परिवारों की सुरक्षा को प्राथमिकता
उत्तरकाशी जिले की नगर पंचायत नौगांव के वार्ड संख्या 7, सौली में अतिवृष्टि और भूस्खलन से पांच परिवार प्रभावित हुए हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन परिवारों को उनके मौजूदा स्थान से हटाकर अन्यत्र किराये के भवनों में रखने की व्यवस्था की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को छह महीने तक किराये के भुगतान के लिए प्रतिमाह 4,000 रुपये की दर से कुल 1.20 लाख रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत करने का अनुमोदन दिया है। इस सहायता से प्रभावित परिवारों को अस्थायी आवास की व्यवस्था करने में मदद मिलेगी।
प्राकृतिक आपदा के बाद प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर रखना जरूरी होता है। ऐसे में किराये के मकान के लिए आर्थिक सहायता का फैसला उनके सामने आने वाली तत्काल आवासीय जरूरतों को पूरा करने की दिशा में उठाया गया कदम है।
बुनियादी सुविधाओं के साथ प्रभावितों को राहत
मुख्यमंत्री की ओर से स्वीकृत इन प्रस्तावों में धार्मिक स्थल के जीर्णोद्धार, पुलिया निर्माण और आपदा प्रभावित परिवारों के अस्थायी पुनर्वास से जुड़े विषय शामिल हैं। एक ओर निर्माण कार्यों के लिए धनराशि मंजूर की गई है, वहीं दूसरी ओर नौगांव के प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और आवास की जरूरत को ध्यान में रखते हुए छह महीने की किराया सहायता को मंजूरी दी गई है।
इन वित्तीय स्वीकृतियों के जरिए राज्य सरकार ने विकास कार्यों और आपदा राहत, दोनों से जुड़े प्रस्तावों को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।



