गांधी-शास्त्री जयंती पर CM योगी का संदेश, स्वदेशी से ग्राम स्वराज तक विचारों को किया याद

लखनऊ, 2 अक्टूबर। महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों महान नेताओं के विचारों और योगदान को याद किया। गांधी जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री हजरतगंज स्थित गांधी आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने बापू के स्वदेशी, स्वच्छता और ग्राम स्वराज से जुड़े विचारों का उल्लेख किया। इसके बाद उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री भवन पहुंचकर पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि अर्पित की।मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी का स्वदेशी से स्वावलंबन का विचार आज भी प्रासंगिक है और आत्मनिर्भरता की दिशा में मार्गदर्शन करता है। उन्होंने कहा कि खादी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि स्वदेशी की भावना का प्रतीक है और चरखा आत्मनिर्भरता का प्रतीक माना जाता है।
‘बापू ने स्वतंत्रता आंदोलन को बनाया जन आंदोलन’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महात्मा गांधी के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान को याद करते हुए कहा कि दक्षिण अफ्रीका में उन्होंने अन्याय, शोषण और रंगभेद के खिलाफ आवाज उठाई। भारत लौटने के बाद गांधी जी ने स्वतंत्रता आंदोलन को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से नेतृत्व दिया।मुख्यमंत्री के मुताबिक, गांधी जी के नेतृत्व में स्वतंत्रता आंदोलन गांव-गांव तक पहुंचा और बड़ी संख्या में लोग इससे जुड़े। उन्होंने कहा कि बापू के स्वदेशी, स्वच्छता और आत्मनिर्भरता से जुड़े विचार आज भी सामाजिक और आर्थिक जीवन में प्रासंगिक हैं।
ग्राम सचिवालयों से ग्राम स्वराज की परिकल्पना
मुख्यमंत्री ने ग्राम स्वराज के विचार का उल्लेख करते हुए ग्राम सचिवालयों की स्थापना की बात कही। उन्होंने कहा कि गांवों में ही जनसुविधाएं उपलब्ध कराने से स्थानीय स्तर पर लोगों को सेवाएं मिलने के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ाए जा सकते हैं।उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान का भी उल्लेख किया और कहा कि देशभर में बने शौचालयों को स्वच्छता, स्वास्थ्य और नारी सम्मान के संदर्भ में देखा जा सकता है।
शास्त्री जी की सादगी और दृढ़ता को किया याद
लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके सादगीपूर्ण जीवन, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी जितने सरल और सहज थे, उतने ही दृढ़ और संघर्षशील भी थे।मुख्यमंत्री ने शास्त्री जी के प्रसिद्ध नारे ‘जय जवान, जय किसान’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह स्वाधीन भारत के निर्माण में जवानों और किसानों की भूमिका को रेखांकित करता है। उनके अनुसार, एक ओर जवान देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं, वहीं किसान देश की खाद्य जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना और कारीगरों, बुनकरों तथा हस्तशिल्पियों के हुनर को सम्मान देना जरूरी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘लोकल टू ग्लोबल’ आह्वान का भी उल्लेख किया।गांधी जयंती के मौके पर मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि प्रदेश में खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी 2027 तक 25 फीसदी छूट मिलेगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से खादी को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।गांधी और शास्त्री जयंती के कार्यक्रमों के जरिए मुख्यमंत्री ने स्वदेशी, स्वावलंबन, ग्राम स्वराज और राष्ट्रसेवा से जुड़े विचारों को याद किया और इन्हें वर्तमान समय में प्रासंगिक बताया।



