काशी एयर शो के लिए 21 समितियां एक्टिव, 97 एंबुलेंस और 214 क्रिटिकल बेड का बैकअप; जानें पूरा सेफ्टी प्लान

लखनऊ: वाराणसी में 22, 24 और 25 अक्टूबर को प्रस्तावित एयरफोर्स डे एरियल डिस्प्ले के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और मेडिकल प्लान तैयार किया है। एयर शो के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन से लेकर इमरजेंसी मेडिकल रिस्पॉन्स तक की व्यवस्था को अलग-अलग स्तर पर तैयार किया है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने तैयारियों का प्रजेंटेशन रखा गया। मुख्यमंत्री ने आयोजन को राज्य के महत्वपूर्ण कार्यक्रम के तौर पर लेते हुए उत्तर प्रदेश डिफेंस एक्सपो और महाकुंभ के स्तर की तैयारी करने के निर्देश दिए।
21 समितियों में बांटी गई जिम्मेदारियां
एयर शो की तैयारियों के लिए कुल 21 समितियां बनाई गई हैं। इन समितियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं, ताकि आयोजन के दौरान किसी एक एजेंसी पर पूरा दबाव न रहे और हर स्थिति के लिए पहले से जिम्मेदारी तय हो।घाट प्रबंधन, आयोजन स्थल, कंट्रोल रूम, मेडिकल कवर, परिवहन, पीए सिस्टम, आमंत्रण और पास, स्वागत एवं आवास, वीडियोग्राफी-फोटोग्राफी और मीडिया प्रबंधन जैसी व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग समितियां बनाई गई हैं।नमो घाट से अस्सी और रविदास घाट तक घाट प्रबंधन के लिए एक समिति बनाई गई है। रामनगर-डोमरी क्षेत्र के लिए भी अलग समिति जिम्मेदारी संभालेगी।
तीन स्तर पर इमरजेंसी रिस्पॉन्स
एयर शो की सुरक्षा योजना की सबसे खास बात इसका थ्री-लेयर इमरजेंसी रिस्पॉन्स है। हवा, गंगा और जमीन पर होने वाली संभावित आपात स्थिति के लिए अलग-अलग कंटिंजेंसी प्लान तैयार किए जा रहे हैं।एनडीआरएफ की विशेषज्ञता भी इसमें शामिल की जाएगी। एयरफोर्स के साथ रेलवे, रोडवेज, जलमार्ग, पुलिस और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर दूसरे जिलों से मजिस्ट्रेट और अतिरिक्त संसाधन भी बुलाने की व्यवस्था रखी गई है।
170 इमरजेंसी और 44 आईसीयू बेड रिजर्व
किसी भी मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में मरीजों को तत्काल उपचार मिल सके, इसके लिए सरकारी और निजी अस्पतालों में 170 इमरजेंसी तथा 44 आईसीयू बेड चिह्नित किए गए हैं।मेडिकल नेटवर्क में आयोजन स्थल से 20 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सात सरकारी अस्पताल और 15 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सात निजी अस्पताल शामिल किए गए हैं।इसके अलावा 23 ब्लड बैंक भी चिन्हित किए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर रक्त की उपलब्धता में परेशानी न हो।
97 एंबुलेंस, अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर
एयर शो के दौरान मेडिकल इमरजेंसी में सबसे अहम भूमिका एंबुलेंस नेटवर्क की होगी। वाराणसी में 58 एंबुलेंस उपलब्ध रहेंगी, जबकि दूसरे जिलों से 39 अतिरिक्त एंबुलेंस मंगाई जाएंगी। इस तरह कुल 97 एंबुलेंस जरूरत के समय उपलब्ध कराई जाएंगी।तीन कंट्रोल रूम—इंटीग्रेटेड, सीएमओ और इमरजेंसी लाइन—को मेडिकल रिस्पॉन्स से जोड़ा जाएगा। अस्पताल तक मरीज को तेजी से पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाने की योजना भी तैयार की गई है।
पक्षियों पर भी रहेगी खास नजर
एयर शो को देखते हुए प्रशासन ने सिर्फ भीड़ और मेडिकल इमरजेंसी पर ही ध्यान नहीं दिया है। आयोजन के दौरान पक्षियों से जुड़ी संभावित चुनौती से निपटने के लिए अलग बर्ड कंट्रोल कमेटी बनाई गई है।वहीं सड़क और गंगा दोनों मार्गों से आने-जाने वाले लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए ट्रांसपोर्ट कमेटी (लैंड एंड रिवर) बनाई गई है।इस पूरी तैयारी का उद्देश्य एयर शो के दौरान संभावित आपात स्थिति में विभागों के बीच तत्काल समन्वय स्थापित करना और लोगों को समय पर राहत उपलब्ध कराना है। चेन्नई एयर शो से मिले अनुभवों को ध्यान में रखते हुए काशी में इस बार आयोजन से पहले ही हर स्तर पर रिस्पॉन्स सिस्टम तैयार रखने पर जोर दिया जा रहा है।



