2.37 करोड़ के साइबर धोखाधड़ी मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार
मुख्य अभियुक्त सहित अब तक हुई कुल 08 अभियुक्तों की गिरफ्तारी

पायनियर । सोनभद्र
सोनभद्र पुलिस द्वारा साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के क्रम में थाना दुद्धी पुलिस एवं सर्विलांस टीम द्वारा सत्य सनातन ट्रस्ट के नाम से पंजीकृत बैंक खाते से करोड़ों रुपये की साइबर धोखाधड़ी के प्रकरण में भोपाल, मध्य प्रदेश से 03 और वांछित अभियुक्तों जय कुमार पाण्डेय पुत्र स्व. शशिधर पाण्डेय, निवासी मकान नं0 सी-10, तिरुपति होम्स, थाना अयोध्या नगर, जिला भोपाल, मध्य प्रदेश; स्थायी पता मकान नं0 173, न्यू देवराज नगर, गीधैला, रामनगर, जिला सतना, मध्य प्रदेश, उम्र करीब 35 वर्ष, राजेश पोद्दार पुत्र यशपाल पोद्दार, निवासी फ्लैट नं0 508, सागर लेक व्यू होम, थाना अयोध्या नगर, जिला भोपाल, मध्य प्रदेश; स्थायी पता वार्ड नं0 09, आदर्श नगर स्कूल के पास, थाना मोरवा, जिला सिंगरौली, मध्य प्रदेश, उम्र करीब 46 वर्ष बब्बू प्रसाद प्रजापति पुत्र रामकृष्ण प्रजापति, निवासी फ्लैट नं0 608, सागर लेक व्यू होम, थाना अयोध्या नगर, जिला भोपाल, मध्य प्रदेश; स्थायी पता ग्राम गोदवाली, थाना बरगवां, जिला सिंगरौली, मध्य प्रदेश, उम्र करीब 27 वर्ष को गिरफ्तार किया गया।
वर्तमान गिरफ्तारी में अभियुक्तों के कब्जे से 01 हुंडई अमेज कार बरामद किए गए। इस प्रकरण में अब तक तीन अलग-अलग कार्रवाइयों में कुल 08 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। पुलिस को सत्य सनातन ट्रस्ट के नाम से पंजीकृत बैंक खातों की जांच में साइबर फ्रॉड से संबंधित कुल 35 शिकायतों में लगभग 11.63 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी किए जाने की जानकारी प्राप्त हुई थी। जांच में प्रकाश में आया कि उक्त ट्रस्ट में कई सदस्यों को जोड़ा गया था।
ट्रस्ट के संचालक ऋषिकेश पाण्डेय द्वारा ट्रस्ट के नाम से बैंक खाता खुलवाकर उसका खाता नंबर एवं एटीएम कार्ड मध्य प्रदेश निवासी कुछ व्यक्तियों को उपलब्ध कराया गया था। आरोप है कि साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि उक्त ट्रस्ट के बैंक खातों में मंगाई जाती थी। जांच में यह भी प्रकाश में आया कि ट्रस्ट के कई बैंक खाते थे, जिनमें से एक खाते में लगभग 2.37 करोड़ रुपए की धनराशि प्राप्त हुई थी। धोखाधड़ी की धनराशि ट्रस्ट के खाते में प्राप्त होने के एवज में ट्रस्ट के अध्यक्ष को 20 प्रतिशत कमीशन दिया जाता था तथा शेष धनराशि आपस में बांट ली जाती थी। जांच के दौरान यह भी प्रकाश में आया कि उक्त ऋषिकेश पाण्डेय द्वारा धर्मोदय फाउण्डेशन नामक संस्थान का भी पंजीकरण कराया गया था, जिसे चुर्क में स्थापित किया गया था।
इसके अतिरिक्त बलसा कन्स्ट्रक्शन एंड ट्रेडिंग एलएलपी, जिसका संबंध किरबिल, म्योरपुर से बताया गया है, तथा भूमित्रम इंडिया माइक्रो फाउंडेशन ट्रस्ट सहित अन्य संस्थाओं के बैंक खातों में भी संदिग्ध लेन-देन प्रकाश में आए हैं। इन संस्थाओं से संबंधित लेन-देन की जांच के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में थाना दुद्धी पर मुकदमा दर्ज किया गया था। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम मे दुद्धी प्रभारी निरीक्षक विश्वनाथ प्रताप सिंह,निरीक्षक विजय कुमार चौरसिया, निरीक्षक अपराध अंगद प्रसाद तिवारी समेत अन्य पुलिस कर्मी शामिल रहे।



