52 वर्षीय महिला की संदिग्ध मौत, गले पर निशान से गहराया रहस्य
संदिग्ध मौत से गांव में सनसनी, फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य, बेटे-बहू से पूछताछ, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज

सरेनी,रायबरेली। सरेनी थाना क्षेत्र के रानीखेड़ा गांव में सोमवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब 52 वर्षीय रामकुमारी पत्नी स्वर्गीय जयशंकर सिंह का शव घर के अंदर बिस्तर पर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। महिला के गले पर निशान मिलने की चर्चा से मौत का रहस्य और गहरा गया है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, जबकि फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। पुलिस आत्महत्या समेत सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
हालांकि महिला की मौत की असल वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। रामकुमारी रविवार रात खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चली गई थीं। उनका बेटा अरविंद सिंह और बहू शिवानी दूसरे कमरे में सो रहे थे। सोमवार सुबह अरविंद की नींद खुली तो वह मां के कमरे में पहुंचा, जहां रामकुमारी बिस्तर पर मृत पड़ी थीं। मां को इस हालत में देखकर उसने पत्नी शिवानी को जानकारी दी। इसके बाद दोनों के रोने-बिलखने की आवाज सुनकर पड़ोसी भी मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी तो प्रभारी निरीक्षक विंध्य विनय रावत पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और छानबीन शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए लालगंज के क्षेत्राधिकारी सुजीत कुमार राय भी मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य एकत्र किए। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
तीन दिन पहले ही घर आया था बेटा
बताया जा रहा है कि मृतका का बेटा अरविंद ट्रक चालक है और वह तीन दिन पहले ही घर लौटा था।गांव में महिला की संदिग्ध मौत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।सास-बहू के बीच पिछले कुछ दिनों से अनबन होने की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं।हालांकि,इन चर्चाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।पुलिस मामले की तह तक पहुंचने के लिए परिजनों से पूछताछ कर रही है।महिला की मौत के मामले में किसी की संलिप्तता को लेकर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
थाना प्रभारी के बयान पर उठे सवाल, सीओ बोले संदिग्ध है मामला
सरेनी के रानीखेड़ा गांव में 52 वर्षीय रामकुमारी की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस के बयानों में अंतर सामने आया है। आरोप है कि प्रभारी निरीक्षक विंध्य विनय रावत ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले ही घटना को आत्महत्या बता दिया। वहीं लालगंज क्षेत्राधिकारी सुजीत कुमार राय ने मामले को संदिग्ध बताते हुए कहा कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी। ऐसे में सवाल उठता है कि जब मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होनी है, तो उससे पहले ही घटना को आत्महत्या कैसे मान लिया गया। फिलहाल महिला की मौत का रहस्य पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की निष्पक्ष जांच पर टिका है।



