कांग्रेस पर योगी का वार: ‘चुनाव जीतने पर पुरुषार्थ, हारने पर EVM और चुनाव आयोग दोषी’; नेतृत्व बदलने की दी नसीहत

लखनऊ, 12 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति और नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी अपनी विफलताओं की जिम्मेदारी लेने के बजाय लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा कर रही है। उन्होंने कांग्रेस को चेतावनी दी कि यदि उसने अराजकता और गैर-जिम्मेदार राजनीतिक आचरण से दूरी नहीं बनाई, तो जनता उसके बचे हुए राजनीतिक आधार को भी समाप्त कर सकती है।
सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में सीएम योगी ने कहा कि देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी को लगातार मिल रही अस्वीकृति के कारणों पर विचार करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी कमियों का विश्लेषण करने के बजाय चुनी हुई सरकारों और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बनाने का प्रयास कर रही है।
योगी बोले- जनता कांग्रेस को लगातार नकार रही
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्ष 1985 के बाद पार्टी प्रदेश की सत्ता में वापसी नहीं कर सकी। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों में भी कांग्रेस का जनाधार कमजोर हुआ है, लेकिन पार्टी नेतृत्व जनता के बदलते रुख को समझने के लिए तैयार नहीं है।
सीएम योगी के मुताबिक, कांग्रेस को यह आत्ममंथन करना चाहिए कि आखिर जनता बार-बार उसे क्यों नकार रही है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विफलताओं का ठीकरा दूसरों पर फोड़ने के बजाय पार्टी को अपने नेतृत्व और कार्यशैली की समीक्षा करनी चाहिए।
EVM से चुनाव आयोग तक, कांग्रेस पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुनावी नतीजों को लेकर कांग्रेस के रवैये पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव में जीत मिलने पर पार्टी इसे अपना पुरुषार्थ बताती है, जबकि हार होने पर ईवीएम और चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराने लगती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस न्यायपालिका और अन्य संवैधानिक संस्थाओं के प्रति भी इसी तरह का रवैया अपनाती है। सीएम योगी ने कहा कि लोकतंत्र में संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने से पहले तथ्यों और संवैधानिक मर्यादाओं का ध्यान रखना चाहिए।
दिल्ली में कांग्रेस के रवैये पर भी हमला
सीएम योगी ने दिल्ली में कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शनों को लेकर आरोप लगाया कि पार्टी की गतिविधियों से आम लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध करना अधिकार है, लेकिन विरोध और अराजकता के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता को परेशान करना और संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाना स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। उनके अनुसार, कांग्रेस को अपनी राजनीतिक असफलताओं के कारणों पर विचार करने के बजाय व्यवस्था को दोष देने की प्रवृत्ति छोड़नी चाहिए।
‘नेतृत्व की अकर्मण्यता पर विचार करे कांग्रेस’
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के नेताओं को अपने नेतृत्व की कार्यशैली और राजनीतिक फैसलों की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने नसीहत दी कि जनता और युवाओं को गुमराह करने के बजाय कांग्रेस को अपनी विफलताओं को स्वीकार करना चाहिए।
सीएम योगी ने कहा कि केवल आरोप लगाने से जनता का विश्वास दोबारा हासिल नहीं किया जा सकता। इसके लिए पार्टी को अपने आचरण में बदलाव करना होगा और लोकतांत्रिक व्यवस्था के भीतर रहकर मुद्दों पर चर्चा करनी होगी।
मुख्यमंत्री ने अंत में चेतावनी दी कि कांग्रेस यदि अराजकता और अलोकतांत्रिक तरीकों से राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश करती रही, तो उसे इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए राजनीतिक दलों को संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करते हुए जनता के मुद्दों पर जवाबदेह राजनीति करनी चाहिए।



