त्योहारों पर सक्रिय हुआ विज्ञापन के नाम पर वसूली गैंग
पीडीएफ गैंग की त्योहारी लूट, असली पत्रकारिता बदनाम

लखीमपुर-खीरी। दीपावली व आगामी त्योहारों के नजदीक आते ही कथित पत्रकारों का एक गिरोह फिर सक्रिय हो गया है। ब्लाक, तहसील, निजी अस्पतालों और सरकारी कार्यालयों के इर्द-गिर्द घूमकर विज्ञापन व शुभकामना संदेश के नाम पर वसूली का खेल शुरू हो गया है।
सूत्रों के अनुसार ये कथित पत्रकार अपने मोबाइल में पोर्टलों की आईडी और अखबारों की पीडीएफ फाइल दिखाकर अधिकारियों व कर्मचारियों को निशाना बनाते हैं। विज्ञापन न देने पर खबर छापने की धमकी देकर ब्लैकमेल भी करते हैं। इनमें से कई के पास न तो सूचना विभाग की मान्यता है और न ही कोई वैध प्रेस कार्ड।
हैरानी की बात है कि ऐसे फर्जी पोर्टलों पर महज ग्रुपों में भेजी जाने वाली पीडीएफ के अलावा कोई ठोस खबर नहीं होती, फिर भी त्योहारी सीजन में ये अवैध वसूली में जुट जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधान और सचिव भी इनके निशाने पर रहते हैं।
जानकारों का कहना है कि सूचना कार्यालय में जिन लोगों की अथॉरिटी जमा है और जिनके समाचार पत्र नियमित प्रकाशित हो रहे हैं, उनकी सूची नाम व नंबर सहित सार्वजनिक की जाए तो आम लोग ठगी से बच सकते हैं। यदि जिला सूचना कार्यालय लखीमपुर-खीरी इस पर संज्ञान लेकर फर्जी आईडी की जांच कर कार्रवाई करे तो इस अवैध वसूली पर विराम लगना तय है। फिलहाल जिम्मेदारों की चुप्पी से इन कथित पत्रकारों के हौसले बुलंद हैं।



