स्वतंत्रनिर्भीक पत्रकारिता
BREAKING NEWS
संदिग्ध परिस्थितियों में कमरे की फर्श पर मृत अवस्था में मिली वृद्धाउड़ानों के समयबद्ध संचालन में सुधार के लिए समानांतर टैक्सी ट्रैक का उद्घाटनजमीन व निवेश के नाम पर 1.45 करोड़ की ठगीस्वास्थ्य सेवाओं में वाराणसी प्रदेश में अव्वल, 75 जनपदों में मिला प्रथम स्थानशिक्षा से ही समाज के दुख-दर्द और पिछड़ेपन का होगा अंत: डॉ. विनोद बिंदरेखा गुप्ता ने 51 नवविवाहित बेटियों को सौंपे एक-एक लाख रुपये के चेक और करवाचौथ किटमहोत्सव को लेकर विधायक ने मुख्यमंत्री से की मुलाकातई-रिक्शा पलटने से युवक की मौत, परिवार में कोहरामसोशल मीडिया पर तमंचे के साथ वीडियो वायरल कर धौंस जमाने वाला युवक गिरफ्तारसरदार पटेल न होते तो न होता एकजुट और अखण्ड भारत-जगदीश सिंहसंदिग्ध परिस्थितियों में कमरे की फर्श पर मृत अवस्था में मिली वृद्धाउड़ानों के समयबद्ध संचालन में सुधार के लिए समानांतर टैक्सी ट्रैक का उद्घाटनजमीन व निवेश के नाम पर 1.45 करोड़ की ठगीस्वास्थ्य सेवाओं में वाराणसी प्रदेश में अव्वल, 75 जनपदों में मिला प्रथम स्थानशिक्षा से ही समाज के दुख-दर्द और पिछड़ेपन का होगा अंत: डॉ. विनोद बिंदरेखा गुप्ता ने 51 नवविवाहित बेटियों को सौंपे एक-एक लाख रुपये के चेक और करवाचौथ किटमहोत्सव को लेकर विधायक ने मुख्यमंत्री से की मुलाकातई-रिक्शा पलटने से युवक की मौत, परिवार में कोहरामसोशल मीडिया पर तमंचे के साथ वीडियो वायरल कर धौंस जमाने वाला युवक गिरफ्तारसरदार पटेल न होते तो न होता एकजुट और अखण्ड भारत-जगदीश सिंह

32 हजार विद्यार्थियों की कौशल शिक्षा ठप, सरकार से 13 सवाल

32 हजार विद्यार्थियों की कौशल शिक्षा ठप, सरकार से 13 सवाल
  • वोकेशनल ट्रेनर एसोसिएशन ने तत्काल कक्षाएं शुरू करने की मांग उठाई

पायनियर समाचार सेवा। देहरादून। उत्तराखंड में व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम के संचालन में आए व्यवधान को लेकर वोकेशनल ट्रेनर एसोसिएशन ने सरकार से जवाब मांगा है। एसोसिएशन का दावा है कि 31 मार्च 2026 के बाद कार्यक्रम का नियमित संचालन प्रभावित होने से 32 हजार से अधिक विद्यार्थी व्यावहारिक एवं रोजगारपरक प्रशिक्षण से वंचित हैं। संगठन ने सरकार के सामने 13 सवाल और सात प्रमुख मांगें रखते हुए तत्काल कक्षाएं शुरू करने की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष तुषार पांडे ने कहा कि प्रदेश में व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम जुलाई 2021 में शुरू हुआ था। इसके तहत आईटी, कृषि, आॅटोमोटिव, ब्यूटी एंड वेलनेस, प्लंबिंग, रिटेल, पर्यटन एवं आतिथ्य और इलेक्ट्रिकल जैसे क्षेत्रों में विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया। संगठन का दावा है कि अब तक 70 हजार से अधिक विद्यार्थी इससे लाभान्वित हो चुके हैं। ऐसे में कार्यक्रम के बाधित होने से विद्यार्थियों के कौशल विकास और रोजगारपरक अवसरों पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है। प्रशिक्षक संघ ने सवाल उठाया कि जब सरकार व्यावसायिक शिक्षा के विस्तार को प्राथमिकता देने की बात कर रही है तो पहले से संचालित विद्यालयों में कक्षा संचालन क्यों बाधित हुआ। संगठन ने नए टेंडर और कायार्देश की स्थिति, चयनित कार्यदायी संस्था, विद्यालयों की संख्या, सेक्टरवार योजना और कक्षा संचालन की निश्चित तारीख सार्वजनिक करने की मांग की।
एसोसिएशन ने फरवरी 2026 में देहरादून में आयोजित राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता का भी हवाला दिया। संगठन के मुताबिक प्रतियोगिता में 160 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया, जिनमें 24 ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि अन्य विद्यार्थियों ने द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किए। संघ ने पूछा कि ऐसी उपलब्धियों के बावजूद कार्यक्रम की निरंतरता पर सवाल क्यों खड़ा हुआ। प्रशिक्षकों ने वर्षों से सेवाएं दे रहे पूर्व प्रशिक्षकों को नई व्यवस्था में अनुभव और सेवाकाल के आधार पर प्राथमिकता देने की मांग की है। साथ ही सरकार से लिखित और समयबद्ध रोडमैप जारी करने को कहा है। संघ का कहना है कि उसकी लड़ाई किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य, पारदर्शिता और प्रशिक्षकों के सम्मान के लिए है। इस मौके पर इंद्रेश रावत, संजय रावत, रितेश तोमर आदि मौजूद थे।

साझा करें:fxw
हर खबर, हर पल — जुड़े रहें!हर बड़ी खबर सबसे पहले पाने के लिए हमारे न्यूज़लेटर से जुड़ें