स्वतंत्रनिर्भीक पत्रकारिता
BREAKING NEWS
उड़ानों के समयबद्ध संचालन में सुधार के लिए समानांतर टैक्सी ट्रैक का उद्घाटनजमीन व निवेश के नाम पर 1.45 करोड़ की ठगीस्वास्थ्य सेवाओं में वाराणसी प्रदेश में अव्वल, 75 जनपदों में मिला प्रथम स्थानशिक्षा से ही समाज के दुख-दर्द और पिछड़ेपन का होगा अंत: डॉ. विनोद बिंदरेखा गुप्ता ने 51 नवविवाहित बेटियों को सौंपे एक-एक लाख रुपये के चेक और करवाचौथ किटमहोत्सव को लेकर विधायक ने मुख्यमंत्री से की मुलाकातई-रिक्शा पलटने से युवक की मौत, परिवार में कोहरामसोशल मीडिया पर तमंचे के साथ वीडियो वायरल कर धौंस जमाने वाला युवक गिरफ्तारसरदार पटेल न होते तो न होता एकजुट और अखण्ड भारत-जगदीश सिंह2.37 करोड़ के साइबर धोखाधड़ी मामले में 3 आरोपी गिरफ्तारउड़ानों के समयबद्ध संचालन में सुधार के लिए समानांतर टैक्सी ट्रैक का उद्घाटनजमीन व निवेश के नाम पर 1.45 करोड़ की ठगीस्वास्थ्य सेवाओं में वाराणसी प्रदेश में अव्वल, 75 जनपदों में मिला प्रथम स्थानशिक्षा से ही समाज के दुख-दर्द और पिछड़ेपन का होगा अंत: डॉ. विनोद बिंदरेखा गुप्ता ने 51 नवविवाहित बेटियों को सौंपे एक-एक लाख रुपये के चेक और करवाचौथ किटमहोत्सव को लेकर विधायक ने मुख्यमंत्री से की मुलाकातई-रिक्शा पलटने से युवक की मौत, परिवार में कोहरामसोशल मीडिया पर तमंचे के साथ वीडियो वायरल कर धौंस जमाने वाला युवक गिरफ्तारसरदार पटेल न होते तो न होता एकजुट और अखण्ड भारत-जगदीश सिंह2.37 करोड़ के साइबर धोखाधड़ी मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार

राहुकाल 10:46 से 12:22 बजे के बीच होगा, इस समय में ना बांधें राखी

राहुकाल 10:46 से 12:22 बजे के बीच होगा, इस समय में ना बांधें राखी
  • आचार्य पुरोहित संघ के अध्यक्ष ने दी अहम जानकारी
  • ग्रहण का भारत में नहीं होगा कोई असर, बेझिझक होकर मनाएं त्योहार

गुरुग्राम। रक्षाबंधन का पर्व भाई बहन के अखंड प्रेम विश्वास और रक्षा के संकल्प का पावन पर्व है। यह पावन पर्व हमारी सनातन संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस रक्षाबंधन पर राखी बांधने के समय का बहनें विशेष ध्यान रखें। यह कहना है आचार्य पुरोहित संघ के अध्यक्ष कथावाचक पंडित अमरचंद भारद्वाज का।

राखी बांधने का श्रेष्ठ समय 28 अगस्त को सुबह 05:57 से 09:48 बजे तक और अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:04 से 12:53 बजे तक है। राहुकाल 10:46 से 12:22 बजे के बीच रहेगा। इस समय के बीच राखी न बांधें। पंडित अमर चन्द भारद्वाज ने बताया कि चन्द्र ग्रहण सुबह 08:04 से 11:22 बजे तक रहेगा। चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए धार्मिक मान्यता के अनुसार सूतक मान्य नहीं होगा। मंदिर, पूजा-पाठ और रक्षाबंधन के सभी कार्य सामान्य रूप से संपन्न किए जा सकेंगे। पंडित अमरचंद भारद्वाज ने कहा कि भले ही चंद्र ग्रहण का असर भारत में ना पड़े, लेकिन गर्भवती महिलाएं चंद्र ग्रहण के दौरान अपने शिशु की रक्षा के लिए सावधानी जरूर बरतें।

गर्भवती महिलाओं को चंद्र ग्रहण की अवधि में खुले आसमान के नीचे जाने और किसी तरह का औजार का प्रयोग करने से बचना चाहिए। पंडित अमर चन्द भारद्वाज ने कहा कि राखी बांधने से पहले बहन स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करे, पूजन थाली में रोली, अक्षत, दीप, राखी, पुष्प व मिठाई रखें। भाई को पूर्व या उत्तरमुख बैठाकर तिलक करें, आरती उतारें।

साझा करें:fxw
हर खबर, हर पल — जुड़े रहें!हर बड़ी खबर सबसे पहले पाने के लिए हमारे न्यूज़लेटर से जुड़ें