कफनोल में भालू का हमला, ग्रामीण गंभीर घायल

- हेली एंबुलेंस से घायल को देहरादून भेजा, जिला प्रशासन ने की व्यवस्था
- पर्वतीय सीमांत क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ा, ग्रामीणों की सुरक्षा पर चिंता
उत्तरकाशी। जनपद के पर्वतीय सीमांत क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की चुनौती लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। शुक्रवार को बड़कोट तहसील के अंतर्गत कफनोल गांव के दमड़ी तोक में भालू के हमले में एक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कफनोल में प्राथमिक उपचार देने के बाद बेहतर इलाज के लिए हेली एंबुलेंस से देहरादून भेजा गया। जिला प्रशासन ने परिजनों के अनुरोध पर युकाडा से समन्वय स्थापित कर हेली एंबुलेंस की व्यवस्था कराई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार 16 अक्टूबर को अपराह्न करीब 2:30 बजे ग्राम कफनोल निवासी रणवीर कफोला पुत्र दयाराम कफोला पर दमड़ी तोक में भालू ने अचानक हमला कर दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद उन्हें उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कफनोल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी स्थिति को देखते हुए उच्च चिकित्सा केंद्र ले जाने की सलाह परिजनों को दी।

इसके बाद परिजनों ने जिला प्रशासन से हेली एंबुलेंस उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने युकाडा से आवश्यक समन्वय कर हेली एंबुलेंस की व्यवस्था कराई। शाम करीब 5:10 बजे घायल रणवीर कफोला को हेली एंबुलेंस के माध्यम से देहरादून स्थित अस्पताल के लिए रवाना किया गया। उत्तरकाशी जनपद के अनेक गांव जंगलों से सटे होने के कारण ग्रामीणों का वन क्षेत्रों के आसपास नियमित आवागमन रहता है। खेतीबाड़ी, पशुपालन और अन्य दैनिक गतिविधियों के दौरान वन्यजीवों से आमना-सामना होने की आशंका बनी रहती है। भालू जैसे वन्यजीवों के हमलों से ग्रामीणों की सुरक्षा के साथ-साथ दूरस्थ क्षेत्रों में समय पर उपचार उपलब्ध कराने की चुनौती भी सामने आती है। कफनोल में हुई घटना ने एक बार फिर वन्यजीव प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता को रेखांकित किया है। ऐसे क्षेत्रों में वन विभाग की निगरानी, ग्रामीणों को जागरूक करने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।



