स्वतंत्रनिर्भीक पत्रकारिता
BREAKING NEWS
प्रयागराज में जमीन के नीचे दबे मिले नोटों से भरे ड्रम, 60 करोड़ रुपये की आशंका; पुलिस जांच में जुटीवाराणसी में चक्रवाती तूफान अर्नब का असर, बूंदाबांदी के बीच गंगाघाटों पर रौनक छिनीसेंट फ्रांसिस स्कूल, गोमती नगर ने ‘एक्सप्रेशन 2026’ में द्वितीय स्थान प्राप्त कियाविधानसभा सत्र के सफल संचालन के बाद ऋषिकेश पहुँचे माननीय मुख्यमंत्री महोदय का नटराज चौक पर भव्य स्वागतपंकज चौधरी ने शिक्षक-स्नातक एमएलसी चुनाव के विजयी प्रत्याशियों को दी बधाई,बोले-भाजपा ने बरकरार रखीं सीटेंभाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक 30 अक्टूबर को, अमित शाह करेंगे उद्घाटनधान नहीं तुला तो राजभवन कूच कर गया किसानवोट चोरी से बनी भाजपा सरकार, अब जनता बदलाव चाहती है: राजा गुरजीत सिंहहरगांव में चोरों का आतंक: एक रात, चार घरों में धावा; 11 लाख के जेवर और 40 हजार नकदी पारजब नैमिषारण्य स्टेशन पर गूंजा ‘वंदे मातरम्’, सम्मान में झुके सिर, सपनों को मिले पंखप्रयागराज में जमीन के नीचे दबे मिले नोटों से भरे ड्रम, 60 करोड़ रुपये की आशंका; पुलिस जांच में जुटीवाराणसी में चक्रवाती तूफान अर्नब का असर, बूंदाबांदी के बीच गंगाघाटों पर रौनक छिनीसेंट फ्रांसिस स्कूल, गोमती नगर ने ‘एक्सप्रेशन 2026’ में द्वितीय स्थान प्राप्त कियाविधानसभा सत्र के सफल संचालन के बाद ऋषिकेश पहुँचे माननीय मुख्यमंत्री महोदय का नटराज चौक पर भव्य स्वागतपंकज चौधरी ने शिक्षक-स्नातक एमएलसी चुनाव के विजयी प्रत्याशियों को दी बधाई,बोले-भाजपा ने बरकरार रखीं सीटेंभाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक 30 अक्टूबर को, अमित शाह करेंगे उद्घाटनधान नहीं तुला तो राजभवन कूच कर गया किसानवोट चोरी से बनी भाजपा सरकार, अब जनता बदलाव चाहती है: राजा गुरजीत सिंहहरगांव में चोरों का आतंक: एक रात, चार घरों में धावा; 11 लाख के जेवर और 40 हजार नकदी पारजब नैमिषारण्य स्टेशन पर गूंजा ‘वंदे मातरम्’, सम्मान में झुके सिर, सपनों को मिले पंख

मानेश्वर धाम में 6.30 फीट ऊंचा कलश स्थापित

मानेश्वर धाम में 6.30 फीट ऊंचा कलश स्थापित
  • पार्वतीय शैली में संवरा ढाई हजार साल पुराना मंदिर।

पायनियर समाचार सेवा। चंपावत। चंपावत-लोहाघाट के मध्य स्थित प्रसिद्ध मानेश्वर धाम में शनिवार को धार्मिक आस्था और परंपरा का भव्य संगम देखने को मिला। करीब ढाई हजार वर्ष पुराने मंदिर के पार्वतीय शैली में जीर्णोद्धार के बाद मंदिर के शिखर पर 6.30 फीट ऊंचे कलश की विधिवत स्थापना की गई।
कलश का निर्माण धर्मराज पुरी महाराज ने विशेष रूप से काशी में तैयार कराया है। शनिवार को पंडित गिरीश कॉलोनी और पंडित बृजेश रसियारा ने पूर्ण विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना एवं रुद्राभिषेक के बाद कलश की स्थापना कराई। कलश स्थापित होते ही मंदिर परिसर धार्मिक जयघोष से गूंज उठा।
धर्मराज पुरी महाराज के मानेश्वर धाम में आगमन के बाद मंदिर और धाम के कायाकल्प का सिलसिला शुरू हुआ है। जीर्णोद्धार के बाद मंदिर को पार्वतीय स्थापत्य शैली में नया स्वरूप दिया गया है, जिससे धाम की भव्यता और धार्मिक आकर्षण और बढ़ गया है। इस अवसर पर भगवान योगीराज श्रीकृष्ण का 5253वां जन्मोत्सव भी विशेष उत्साह के साथ मनाया गया। महाराजश्री ने कहा कि भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को चंद्रोदय के समय रोहिणी नक्षत्र में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। इसी कारण सन्यासी और गृहस्थ श्रद्धालु इस पर्व को पूरे उत्साह और आस्था के साथ मनाते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान विष्णु ने अधर्म और पाप के संहार के लिए श्रीकृष्ण रूप में अवतार लिया था। जन्माष्टमी देश-विदेश में अलग-अलग परंपराओं के साथ मनाई जाती है, लेकिन भगवान कृष्ण के प्रति श्रद्धा सभी जगह समान है। कलश स्थापना और धार्मिक आयोजन में लोहाघाट, चंपावत, खूना, बोरा, कुलेठी, चक्कू समेत आसपास के अनेक गांवों से श्रद्धालु पहुंचे।

साझा करें:fxw
हर खबर, हर पल — जुड़े रहें!हर बड़ी खबर सबसे पहले पाने के लिए हमारे न्यूज़लेटर से जुड़ें