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उपनिबंधक कार्यालय सदर के बड़े मूल्य के विलेखों की जिलाधिकारी ने की जांच

उपनिबंधक कार्यालय सदर के बड़े मूल्य के विलेखों की जिलाधिकारी ने की जांच

करापवंचन पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश, बड़े मूल्य के विलेखों की नियमित जांच सुनिश्चित किए जाने पर जोर

बी पी त्रिपाठी। बलरामपुर

बलरामपुर।जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन द्वारा शासकीय राजस्व हितों की सुरक्षा एवं करापवंचन पर प्रभावी अंकुश लगाए जाने के उद्देश्य से उपनिबंधक कार्यालय सदर में पंजीकृत बड़े मूल्य के विभिन्न विलेखों की जांच की गई।

जिलाधिकारी द्वारा उपनिबंधक कार्यालय सदर के विलेख संख्या–7352/2026, मालियत ₹90,66,000, लेखपत्र संख्या–6651/2026, मालियत ₹3,06,61,000, दोनों आवासीय प्रकृति के विलेखों की जांच की गई। इसके साथ ही विलेख संख्या–6884/2026, मालियत ₹93,77,000, आवासीय प्लॉट तथा नगरीय क्षेत्र के विलेख संख्या–7422/2026, मालियत ₹85,94,000, आवासीय प्रकृति के विलेख की भी जांच की गई।

जांच के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित विलेखों में संपत्ति की प्रकृति, घोषित मालियत एवं पंजीकरण से संबंधित अभिलेखों का परीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि पंजीकरण एवं स्टाम्प शुल्क शासन के राजस्व का महत्वपूर्ण स्रोत है। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाए कि संपत्तियों के पंजीकरण के दौरान निर्धारित नियमों एवं प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन हो तथा किसी भी स्तर पर करापवंचन अथवा शासकीय राजस्व की क्षति न होने पाए।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बड़े मूल्य के विलेखों की नियमित रूप से जांच सुनिश्चित की जाए। पंजीकरण प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए तथा संपत्तियों की प्रकृति एवं मूल्यांकन से संबंधित तथ्यों का नियमानुसार परीक्षण किया जाए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा राजस्व क्षति का मामला सामने आने पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही करापवंचन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए नियमित निगरानी एवं जांच की व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाए, जिससे शासन के राजस्व हितों की पूरी तरह सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इस दौरान सहायक आयुक्त स्टाम्प व अन्य संबंधित अधिकारी कर्मचारीगण उपस्थित रहें।

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