छह घंटे की पूछताछ के बाद श्रद्धा दुबे जेल भेजी गई

बहन और ड्राइवर भी न्यायिक हिरासत में, नागपुर से ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाई गई थी आरोपी,
पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में गिरफ्तार मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्रद्धा दुबे को हजरतगंज कोतवाली में कई घंटे की पूछताछ के बाद न्यायालय में पेश किया गया। अदालत ने श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। तीनों को यूपी एसटीएफ और लखनऊ पुलिस नागपुर से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर लखनऊ पहुंची थी। पुलिस ने हजरतगंज कोतवाली में तीनों से अलग-अलग पूछताछ की। इस दौरान श्रद्धा से कई सवाल किए गए, जिनमें से कुछ के जवाब उसने दिए, जबकि कई सवालों पर वह खामोश रही। जहां गत नौ अक्टूबर को अवध ग्रीन अपार्टमेंट में हुई घटना, शिवा शर्मा की मौत के समय फ्लैट में मौजूद लोगों और गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनाए गए रास्तों से जुड़ा रहा।
पूछताछ के बाद तीनों आरोपियों को मेडिकल परीक्षण के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकीय परीक्षण पूरा होने के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया।जहां श्रद्धा दुबे उसकी बहन और ड्राइवर को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अलीगंज निवासी 28 वर्षीय कारोबारी शिवा शर्मा की गत नौ अक्टूबर को हजरतगंज कोतवाली क्षेत्र स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। घटना के बाद शिवा की मां रंजना शर्मा की तहरीर पर श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे, ड्राइवर दानिश और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद से श्रद्धा दुबे फरार बताई जा रही थी। जांच के दौरान पुलिस को श्रद्धा के नेपाल जाने और वहां से रायबरेली, आगरा तथा दिल्ली होते हुए नागपुर पहुंचने की जानकारी मिली। करीब 11 दिनों तक उसकी तलाश में जुटी यूपी एसटीएफ और लखनऊ पुलिस ने आखिरकार नागपुर में उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर तीनों आरोपियों को लखनऊ लाया गया। पूछताछ के दौरान पुलिस ने यह जानने का प्रयास किया कि घटना के बाद श्रद्धा और उसके साथियों ने किन परिस्थितियों में शहर छोड़ा और फरारी के दौरान उन्हें किसने मदद पहुंचाई।
पुलिस के सामने यह भी सवाल है कि अलग-अलग शहरों में ठहरने, यात्रा करने और लगातार ठिकाने बदलने के लिए पैसों का इंतजाम कैसे किया गया। जांच एजेंसियां संभावित मददगारों की भूमिका और आरोपियों के संपर्कों की भी पड़ताल कर रही हैं। इसके अलावाशिवा शर्मा की मौत के समय फ्लैट में कौन-कौन मौजूद था और घटना से पहले तथा बाद में क्या हुआ, इसकी कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है। श्रद्धा दुबे की ओर से सोशल मीडिया पर जारी किए गए वीडियो और कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा सकती है।
श्रद्धा इन वीडियो के जरिए खुद को निर्दोष बता चुकी है। ऐसे में पुलिस घटना से जुड़े उसके बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान कर रही है। पुलिस की जांच का अगला चरण घटना के क्रम को स्पष्ट करने, आरोपियों के बयानों का सत्यापन करने और संभावित सहयोगियों की भूमिका सामने लाने पर केंद्रित रहेगा। फिलहाल यह स्पष्ट होना बाकी है कि शिवा शर्मा की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इस मामले में किसकी क्या भूमिका रही। पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आगे बढ़ने के साथ ही मामले से जुड़े अन्य तथ्य सामने आने की उम्मीद है।



