एक संत और साधक असाधारण प्रशासक

संन्यास से सिंहासन के सफर में धर्म और राजनीति के साथ सत्ता से कदमताल करते हुए देश के सबसे बड़े सूबे को अपने विकासवादी परिकल्पना के सांचे में ढालने का कमाल। यह एक संत योगी आदित्यनाथ के तप और साधना का साक्षात हाल-हवाल है, जिन्होंने मठ की मर्यादाओं के साथ उसी सादगी और बानगी के साथ सत्ता के शीर्ष पर भी अपनी सोच और संवेदनाओं को साकार करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। सूबे की सत्ता संभालते ही उन्होंने आजादी के बाद से हर तरह की व्यथा झेल रहे उत्तर प्रदेश की सारी प्रथा बदल डाली और एक ऐसे चमकते-दमकते राज्य की पटकथा लिख दी जो आज देश-दुनिया के लिए एक मिसाल बन गई। गोरखनाथ धाम के पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने मार्च 2017 में बतौर मुख्यमंत्री पदासीन होने के साथ ही अपने संकल्प को धरातल पर उतारने की जो मुहिम छेड़ी वह उनके कार्यकाल के नौ साल पूरे होने के बाद भी अनवरत जारी है।

धर्मशास्त्र के साथ राजनीति का समन्वय ही उनका मूलमंत्र रहा है और इसी नीति से ही वह सत्ता की हर रीति को बारीकी से परखते-समझते चले आ रहे हैं। यही मंत्र योगी आदित्यनाथ के एक साधक के साथ -साथ असाधारण प्रशासक होने का यंत्र है। योगी सरकार की मजबूत कानून व्यवस्था देश ही नहीं विदेशों में भी सुर्खियों में है। कभी उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था जंगलराज के जाल में उलझी हुई थी। अपराध, अराजकता और माफिया तंत्र ने शासन की विश्वसनीयता को गहराई से हिलाकर रख दिया था। इस बीच योगी सरकार के कार्यकाल के नौ वर्षों में यूपी का नया अवतार देखने को मिल रहा है, वह केवल प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि एक संरचनात्मक बदलाव का संकेत भी है। ‘नव निर्माण के नौ वर्ष’ कानून के राज की पुनस्र्थापना की एक ठोस प्रक्रिया का प्रतिबिंब है। किसी भी राज्य में सुशासन की पहली शर्त होती है – सुरक्षा और कानून का प्रभावी रूप से अनुपालन।

योगी सरकार ने सत्ता संभालते ही यह स्पष्ट कर दिया कि अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति केवल घोषणा नहीं रहेगी, बल्कि इसे धरातल पर उतारा जाएगा। नतीजा ये रहा कि बीते वर्षों में राज्य ने अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में एक निर्णायक बदलाव दर्ज कियौ। राज्य में लंबे समय तक संगठित अपराध समानांतर सत्ता के तौर पर संचालित होता रहा था। योगी सरकार ने बस इसी नेटवर्क पर ऐसी करारी चोट पहुंचाई कि पूरा नजारा बदल गया। गैंगस्टर एक्ट और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का प्रभावी उपयोग करते हुए न केवल अपराधियों को कानून के दायरे में लाया गया, बल्कि उनके आर्थिक स्रोतों पर भी प्रहार हुआ। इसके तहत हजारों करोड़ की अवैध संपत्तियों या तो जब्त कर ली गईं या फिर उसे नष्ट कर दिया गया। महिला सुरक्षा पर योगी सरकार का खास फोकस रहा।

मिशन शक्ति जैसे अभियानों के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास को सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है। महिला हेल्पलाइन, एंटी रोमियो स्क्वॉड और पुलिस में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी ने इस दिशा में सकारात्मक परिणाम दिए हैं। यह परिवर्तन समाज में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और आत्मविश्वास में भी झलकता है। कानून-व्यवस्था में सुधार का प्रभाव केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति देता है। आज उत्तर प्रदेश निवेश का एक बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है। यह बदलाव सीधे तौर पर बेहतर कानून-व्यवस्था और सुरक्षित वातावरण का परिणाम है। जहां कभी भय का माहौल था, वहीं अब अवसरों का विस्तार दिखाई देता है।”नव निर्माण के नौ वर्ष” उत्तर प्रदेश के लिए एक परिवर्तनकारी यात्रा का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासन में जीरो टॉलरेंस की नीति ने यह दिखा दिया और जता कि यदि राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रशासनिक प्रतिबद्धता हो तो कानून-व्यवस्था की तस्वीर बदली जा सकती है। उत्तर प्रदेश आज जिस मुकाम पर आ पहुंचा है, वह इस बात का संकेत है कि सुरक्षा और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं—और जब कानून का राज स्थापित होता है, तभी समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। और यही प्रमुक कारक हैं जिसने योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की सार्वजनिक छवि को बदल कर रख दिया। कानून व्यवस्था को लेकर अब ‘उत्तर प्रदेश मॉडल” की चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर होने लगी है। अपराधियों के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए सरकार ने कई माफियाओं की अवैध संपत्तियों पर बुलडोज़र चलाकर सख्त संदेश दिया है। इसी वजह से लोकप्रिय मीडिया में उनका उपनाम बुलडोज़र बाबा भी प्रसिद्ध हुआ।

महिलाओं की सुरक्षा के लिए एंटी-रोमियो स्क्वाड और मिशन शक्ति जैसे अभियानों से शहरों और गाँवों में सुरक्षा की भावना बढ़ी है। कानून का राज कायम होने से निवेशकों में भरोसा जगा है और राज्य अब निवेश एवं उद्योग के लिए अनुकूल गंतव्य के रूप में उभर रहा है । योगी सरकार ने आधारभूत संरचना के विकास को भी नई गति दी है। रिकॉर्ड समय में नए एक्सप्रेसवे, राजमार्ग, हवाईअड्डों का निर्माण और पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर का उन्नयन किया गया है।  नोएडा में विश्व की सबसे बड़ी मोबाइल निर्माण फैक्ट्री की स्थापना 2018 में राज्य सरकार की सक्रियता से संभव हो सकी। साथ ही, रक्षा उद्योग के लिए यूपी डिफेंस कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं में हज़ारों करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया गया है, जिससे भविष्य में लाखों युवाओं के लिए रोजगार सृजन होगा।

योगी आदित्यनाथ की छवि एक हिंदुत्ववादी नेता की है जो खुलेआम अपनी आस्था और विचारधारा पर गर्व करते हैं। हिंदू धर्म एवं संस्कृति से जुड़े मुद्दों पर वे प्रखर राय रखते हैं और अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन से लेकर वर्तमान में मंदिर निर्माण तक उनकी सक्रिय भागीदारी इसका प्रमाण है। बदलते परिवेश में योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली पारंपरिक और आधुनिकता के समागम के चलते उन्हें एक विशिष्ट शासक के तौर पर एक अलग पहचान दिलाती है।

डॉ.देवेंद्र सिंह
प्रधान संपादक

Chief Sub-editor Pioneer Hindi

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