चोरी की सूचना पर चोर खोजने के बजाय प्रधान को धमकाने में जुटे जिम्मेदार
पायनियर संवाददाता। संदना/सीतापुर
करोड़ों रुपये खर्च कर गांव-गांव शुद्ध पेयजल पहुंचाने का दावा करने वाला जल जीवन मिशन अब खुद सवालों के घेरे में है। विकास खंड मछरेहटा की ग्राम पंचायत बन गुजरेहटा में संचालित पानी की टंकी से बैटरी, इन्वर्टर और केबल चोरी हो गए, लेकिन चोरी रोकने में नाकाम रहे जिम्मेदार अधिकारी अब अपनी जवाबदेही से बचने के लिए ग्राम प्रधान पर ही आरोप मढ़ने में जुट गए हैं। बताया जाता है कि 3 और 4 जून की रात अज्ञात चोर पानी की टंकी परिसर में आसानी से दाखिल हुए, छत की जाली हटाई और लाखों रुपये कीमत के उपकरण समेटकर चलते बने।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस टंकी के भरोसे हजारों लोगों को पेयजल आपूर्ति की जा रही है, उसकी सुरक्षा व्यवस्था आखिर किसके जिम्मे थी? यदि सरकारी संपत्ति इतनी असुरक्षित है तो जल जीवन मिशन की जमीनी हकीकत का अंदाजा लगाया जा सकता है। ग्रामीणों का आरोप है कि सुबह चोरी की जानकारी मिलने पर ग्राम प्रधान ने विभागीय अधिकारियों को घटना से अवगत कराया, लेकिन जिम्मेदारों ने मौके पर पहुंचकर जांच करने या पुलिस को सहयोग देने के बजाय प्रधान को ही कटघरे में खड़ा कर दिया।
इतना ही नहीं, एफआईआर कराने की धमकी देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने की कोशिश की गई। ग्रामीणों का कहना है कि जब टंकी की सुरक्षा, रखरखाव और निगरानी की जिम्मेदारी विभाग की है तो फिर चोरी की जवाबदेही से अधिकारी कैसे बच सकते हैं? सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या सुरक्षा के नाम पर सिर्फ कागजी इंतजाम किए गए थे? यदि नहीं, तो चोर इतनी आसानी से अंदर कैसे पहुंच गए? विभागीय रवैये से नाराज बीडीसी सदस्य सत्यपाल, विजयपाल, सचिन, धीरेंद्र, शिवशंकर और प्रमोद कुमार समेत कई ग्रामीण संदना थाने पहुंचे और लिखित शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चोरी की घटना ने जल निगम और संबंधित एजेंसियों की कार्यशैली की पोल खोल दी है। अब लोगों की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि केवल चोरों की गिरफ्तारी ही पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि यह भी तय होना चाहिए कि सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा में हुई लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है और उस पर क्या कार्रवाई होगी। इस संबंध में संदना थानाध्यक्ष मान सिंह पाल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।










