फर्जी अस्पतालों और झोलाछापों के भरोसे लोगों की जिंदगी
पायनियर संवाददाता। सीतापुर
स्वास्थ्य विभाग की कथित अनदेखी और संरक्षण में सकरन क्षेत्र में दो दर्जन से अधिक अवैध अस्पताल, नर्सिंग होम और क्लीनिक धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। बिना पंजीकरण के चल रहे इन अस्पतालों में मरीजों का इलाज ही नहीं, बल्कि ऑपरेशन तक किए जाने के दावे किए जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद विभाग केवल खानापूर्ति करता है और कार्रवाई के नाम पर एक-दो दिन के लिए ताला लगवाकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देता है। कस्बा सकरन के बिसवां मोड़ स्थित न्यू सेवा हॉस्पिटल, थाना मोड़ पर बाला जी हेल्थ केयर, उमरा कला में दयाराम हेल्थ केयर और लखनऊ हेल्थ केयर समेत दुगाना, गोडियन पुरवा, सांडा, कोनसर, हरैया, महाराजनगर, गजनीपुर और मोहलिया सहित कई गांवों में अवैध अस्पतालों का नेटवर्क फैला हुआ है।
इन क्लीनिकों के बाहर बड़े-बड़े बोर्ड लगाकर हर बीमारी के गारंटी वाले इलाज और ऑपरेशन का दावा किया जाता है। इतना ही नहीं, बोर्डों पर जिले और प्रदेश के नामी चिकित्सकों के नाम भी प्रदर्शित किए गए हैं, जबकि वास्तविकता में अधिकांश स्थानों पर न तो प्रशिक्षित डॉक्टर हैं और न ही न्यूनतम स्वास्थ्य सुविधाएं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में हर वर्ष इलाज के दौरान कई लोगों की मौतें होती हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी गंभीर कार्रवाई करने से बचते हैं। शिकायत मिलने पर संबंधित क्लीनिक को कुछ घंटों या एक-दो दिन के लिए बंद कराया जाता है और फिर उसका संचालन पहले की तरह शुरू हो जाता है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. आनंद मित्रा ने बताया कि जल्द ही अभियान चलाकर अवैध क्लीनिकों और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फर्जी रजिस्ट्रेशन के सहारे चल रहा न्यू सेवा हॉस्पिटल! विभाग ने बताया नंबर ही नकली
सीतापुर। कस्बा सकरन के यज्ञशाला मोड़ के पास संचालित न्यू सेवा हॉस्पिटल पर विभागीय पंजीकरण संख्या का बोर्ड लगा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह रजिस्ट्रेशन नंबर पूरी तरह फर्जी है। सूत्रों के मुताबिक यह अस्पताल पहले खैराबाद क्षेत्र में संचालित होता था, जहां विभागीय कार्रवाई के बाद इसे बंद करा दिया गया था। इसके बाद संचालकों ने पूरा सेटअप सकरन में स्थानांतरित कर दिया। बताया जाता है कि करीब 15 दिन पहले शिकायत मिलने पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. आनंद मित्रा ने अस्पताल को बंद कराया था, लेकिन कुछ ही दिनों बाद इसका संचालन फिर शुरू हो गया।
इससे स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। नोडल अधिकारी डॉ. मनोज देशमणि ने स्पष्ट कहा कि अस्पताल के बोर्ड पर अंकित रजिस्ट्रेशन नंबर फर्जी है। उन्होंने बताया कि सकरन क्षेत्र में संचालित किसी भी क्लीनिक या अस्पताल का अभी तक स्वास्थ्य विभाग से पंजीकरण नहीं हुआ है। ऐसे में फर्जी नंबर के सहारे मरीजों को भ्रमित करना गंभीर मामला है, जिसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।










