23वें दिन भी नगर निगम में डटा वरिष्ठ पर्यवरण कर्मचारियों का धरना, व्यवस्था के नाम ‘धांधलेबाजी’ का आरोप

- वरिष्ठ पर्यावरण मित्र बोले—अधिकारों की अनदेखी बंद नहीं हुई तो आंदोलन रहेगा जारी
पायनियर समाचार सेवा। हल्द्वानी। नगर निगम प्रशासन के खिलाफ देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ से जुड़े वरिष्ठ पर्यावरण मित्रों का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को 23वें दिन भी जारी रहा। नगर निगम परिसर में धरने पर बैठे कर्मचारियों ने अपनी मांगों की अनदेखी को लेकर आक्रोश जताया और आरोप लगाया कि सफाई व्यवस्था के नाम पर पूर्व से चली आ रही व्यवस्था को जारी रखकर वरिष्ठ कर्मचारियों के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। कर्मचारियों का आरोप है कि वे लंबे समय से प्रभारी पर्यावरण पर्यवेक्षक की नियुक्ति में वरिष्ठ पर्यावरण मित्रों को प्राथमिकता देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन निगम प्रशासन की ओर से उन्हें लगातार आश्वासन देकर मामले को टाला जा रहा है। उनका आरोप है कि व्यवस्था के नाम पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों, उनके आश्रितों और कथित तौर पर चहेते नायकों को वार्डों की जिम्मेदारी दी जा रही है। कर्मचारियों ने इस पूरी व्यवस्था में मिलीभगत के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और तत्काल सुधार की मांग की।
धरने पर कर्मचारियों ने कहा कि व्यक्तिगत स्तर पर पूर्व से चली आ रही व्यवस्था को समाप्त कर वरिष्ठता और नियमों के आधार पर जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। उनका कहना है कि जब तक कथित अनियमित व्यवस्था बंद नहीं होती, तब तक निगम प्रशासन के खिलाफ विरोध जारी रहेगा। कर्मचारियों ने तीन प्रमुख मांगें उठाईं। इनमें प्रभारी पर्यावरण पर्यवेक्षक की नियुक्ति में वरिष्ठ पर्यावरण मित्रों को प्राथमिकता देना, सफाई व्यवस्था के नाम पर चल रही कथित अनियमितताओं और पुरानी व्यवस्था को बंद करना तथा कार्यालय आदेश संख्या 1100, दिनांक 28 जुलाई 2026 को लागू करना शामिल है। धरने में जिलाध्यक्ष दिनेश चौधरी, प्रदेश संगठन मंत्री अमित कुमार, विश्वास चौहान, जयपाल, प्रेम सिंह, अलंकार, राजेश खन्ना, राजेश, सिद्धार्थ चौहान, सुधीर समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।



