नेत्र विभाग के ओटी का डेढ़ साल से ताला न खुलने से कीमती उपकरण व फर्नीचर कबाड़ में तब्दील

अंधता निवारण कार्यक्रम मे हर साल आता है लाखों का बजट

शासन को गुमराह कर सेहत विभाग झाड लेता पल्ला, सीएमओ ने कहा मामले की करायेगी जांच

पायनियर संवाददाता। हमीरपुर

मुख्यालय में मरीजो के लिये सीएमओ दफ्तर के बगल में स्थापित नेत्र विभाग का ओटी का डेढ साल से ताला नही खोला गया है, लाखो के उपकरण व फर्नीचर कूडा में तब्दील हो गये है,गरीब मरीजो का आपरेशन न होने से लोगो को हार थक कर चित्रकूट में आपरेशन के लिये जाना होता है। इस मामले मे स्वास्थ्य विभाग कोई ध्यान नही दे रहा है। जानकारी के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग का हाल बेहाल है, करोडो रुपये की लागत से स्थापित किया गया नेत्र विभाग का ओटी कूडे में तब्दील होता जा रहा है,डेढ साल पहले इसकी सुधि सीएमओ ने ली थी इसके लिये नेत्र चिकित्सक एके सिंह व सीपी गुप्ता की डियूटी मरीजो को उपचार के लिये लगायी गयी थी यहा तक कि आधुनिक उपकरण भी मौजूद है ताकि गरीब मरीजो के आखों का उपचार किया जा सके।

यही नही शासन से आपरेशन का लक्ष्य कम से कम आठ व नौ हजार के मध्य दिया जाता है। मगर यहा पर आज तक एक भी आपरेशन नही किया गया है। यही नही शासन को हर साल जिले में कोई सुविधा न होने की रिपोर्ट देकर गुमराह कर दिया जाता है यही नही शासन से हर साल अंधता निवारण कार्यक्रम में लाखो रुपये चश्मा व आपरेशन के लिये आता है। हालाकि नेत्र विभाग को चालू करने के लिये निर्वतमान जिलाधिकारी श्री पांडेय ने प्रयास किया था मगर उनके जाते है सब कुछ ज्यो का त्यो हो गया है, बजट कहा खर्च होता है,इस मामले की जानकारी देने वाला सेहत विभाग में कोई नही है।

शासन ने इसके लिये नोडल अधिकारी डिप्टी सीएमओ को बनाया गया है उनको पूरी जिम्मेदारी दी गयी है मगर डिप्टी सीएमओ ने कोई कार्यवाही न कर केवल शासन को गुमराह करने का प्रयास करते आये है, गरीब मरीजों का कहना है कि यदि यह सुविधा मुख्यालय में चालू हो जाये तो उन्हे गैर जिले में जाने से बच जायेगे। सेहत विभाग के शासन में बैठे उच्चाधिकारियों को इस बंद ओटी के बारे में पूरी जानकारी है मगर कोई कार्यवाही क्यो नही की गयी है यह एक यक्ष प्रश्न बना हुआ है। जिला अस्पताल के सीएमएस ने डियूटी कर रहे दोनो नेत्र चिकित्सको को कई मर्तवा लिखित आदेश देकर वहा पर बैठने को कहा है मगर दोनो डाक्टरो ने आदेश मानने से साफ इंकार कर दिया है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा अलका शुक्ला ने बताया कि इस मामले में जानकारी कर डाक्टरो से बात करेगी।

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