पायनियर संवाददाता। उतरौला (बलरामपुर)
थाना गैण्डास बुजुर्ग क्षेत्र के अहिरौला गांव में हुई चर्चित मारपीट और हत्या की घटना में पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल करते हुए फरार चल रहे वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी घटना के दिन हमले में शामिल था और लंबे समय से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या सात पहुंच गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान वाजिद पुत्र आबिद निवासी अहिरौला के रूप में हुई है। बताया गया कि गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने भागने का प्रयास किया, जिससे उसके पैर में चोट लग गई। प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला चिकित्सालय बलरामपुर में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है।
पुलिस अभिलेखों के अनुसार 26 मई की रात गांव में बाइक से घूमने को लेकर हुए विवाद ने अगले दिन हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि 27 मई की सुबह जब राजू मौर्य अपने परिचितों के साथ चाय पीने जा रहे थे, तभी कुछ लोगों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के बाद मामला मारपीट में बदल गया। बताया जाता है कि विवाद बढ़ने पर लाठी-डंडों से हमला किया गया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। बीच-बचाव के लिए पहुंचे परिवार के अन्य सदस्य भी हमले की चपेट में आ गए। घटना में मीना देवी और धनराज मौर्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बाद में इलाज के दौरान धनराज मौर्य की मृत्यु हो गई, जिसके बाद मामला हत्या में परिवर्तित हो गया। घटना के संबंध में राजू मौर्य पुत्र धनीराम की तहरीर पर थाना गैण्डास बुजुर्ग में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
धनराज मौर्य की मृत्यु के बाद मुकदमे में हत्या से संबंधित गंभीर धाराएं भी जोड़ दी गर्इं। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय तथा क्षेत्राधिकारी उतरौला राघवेन्द्र सिंह के पर्यवेक्षण में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इसी क्रम में थाना प्रभारी राजीव कुमार मिश्र के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर वाजिद को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपी ने घटना में अपनी मौजूदगी स्वीकार की है। उसने बताया कि वह अन्य आरोपियों के साथ मौके पर मौजूद था और मारपीट की घटना में शामिल था। पुलिस इस बयान की पुष्टि अन्य साक्ष्यों और विवेचना के आधार पर कर रही है।
धनराज मौर्य की मौत के बाद क्षेत्र में काफी आक्रोश देखने को मिला था। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए थे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई थी। परिजनों ने प्रशासन को ज्ञापन देकर आरोपियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई, आर्थिक सहायता तथा परिवार की सुरक्षा की मांग भी उठाई थी। हालांकि पुलिस का कहना है कि मामले में लगातार कार्रवाई की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस मामले में पहले ही छह आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेजा जा चुका है।
वाजिद की गिरफ्तारी के बाद अब तक कुल सात आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। शेष बिंदुओं की जांच जारी है और विवेचना के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी राजीव कुमार मिश्र, उपनिरीक्षक राहुल कुमार यादव, उपनिरीक्षक वीरेन्द्र शुक्ल, हेड कांस्टेबल उपेन्द्रनाथ शुक्ला, हेड कांस्टेबल विकास मिश्रा, हेड कांस्टेबल विनोद त्रिपाठी, हेड कांस्टेबल विनय मौर्य तथा कांस्टेबल बलजीत यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।










