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सामूहिक संकल्प और एकता की शक्ति से ही देश आगे बढ़ता है : प्रधानमंत्री मोदी

सामूहिक संकल्प और एकता की शक्ति से ही देश आगे बढ़ता है : प्रधानमंत्री मोदी

एजेंसी। नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सोमवार को सुभाषित शेयर किया है। उन्होंने लिखा, सामूहिक संकल्प और एकता की शक्ति से ही देश आगे बढ़ता है। यही भावना भारत की प्रगति और समृद्धि की मजबूत नींव है। प्रधानमंत्री की ओर से सोशल मीडिया पर एक श्लोक, समानी व आकूति: समाना हृदयानि व:। समानमस्तु वो मनो यथा व: सुसहासति॥ साझा किया गया, जिसका हिंदी अर्थ है कि हम सबके संकल्प एक समान होने चाहिए, हमारे मन एकता के भाव से जुड़े होने चाहिए, जिससे हम सभी परस्पर सहयोग तथा समान व्यवहार के साथ समाज की उन्नति के लिए निरंतर प्रयास करते रहें।
इससे पहले प्रधानमंत्री की ओर से सोशल मीडिया पर 14 अगस्त को सुभाषित शेयर किया गया था। तब उन्होंने लिखा था, विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें। पीएम ने एक श्लोक, उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधा: कला:। कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति॥ भी साझा किया था, जिसका हिंदी अर्थ है कि परिश्रम, उद्यम और पुरुषार्थ से ही विविध कलाएं, विज्ञान, तकनीकी कौशल, शिल्प तथा नवाचार विकसित होते हैं और सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। इसलिए, मनुष्य को भाग्य के भरोसे नहीं बैठना चाहिए बल्कि साहस, कर्मठता और निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर रहना चाहिए क्योंकि पुरुषार्थ ही भाग्य का निमार्ता है। 13 अगस्त के शेयर किए गए सुभाषित में पीएम ने श्लोक साझा किया था, दैवं पुरुषकारेण य: समर्थ: प्रबाधितुम। न दैवेन विपन्नार्थ: पुरुष: सोऽवसीदति॥ जिसका हिंदी अर्थ है कि जो मनुष्य अपने दृढ़ संकल्प, अथक परिश्रम और पुरुषार्थ से प्रतिकूल परिस्थितियों को भी अनुकूल बनाने का सामर्थ्य रखता है, वह जीवन की बाधाओं से कभी पराजित नहीं होता बल्कि निरंतर प्रयास करते हुए सफलता प्राप्त करता है।

 

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