नीरू ढांडा और काइनन चेनाई ने ट्रैप मिश्रित टीम में जीता स्वर्ण, बनाया नया एशियाई रिकॉर्ड
इससे पहले नीरू ने महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में भारत को रजत पदक दिलाया था। मिश्रित टीम का स्वर्ण मिलाकर उनके खाते में अब तीन पदक हो गए हैं।

नागोया। महिलाओं की ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली नीरू ढांडा ने बुधवार को अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए काइनन चेनाई के साथ मिलकर एशियाई खेलों की ट्रैप मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीत लिया। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में 34 अंक हासिल कर नया एशियाई रिकॉर्ड भी कायम किया।
भारत ने क्वालीफाइंग में 136 अंक के साथ चौथे स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई थी। फाइनल में नीरू और काइनन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 34 अंक हासिल किए। कतर के मोहम्मद अल रुमैही और रे बासिल ने 32 अंक के साथ रजत पदक जीता, जबकि चीन की क्यूई यिंग और सन युनोंग को 23 अंक के साथ कांस्य पदक मिला।
इससे पहले मिश्रित ट्रैप में एशियाई रिकॉर्ड 30 अंक था, जो कतर की जोड़ी ने इसी साल जनवरी में बनाया था। भारतीय जोड़ी ने अपने प्रदर्शन से इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
नीरू के खाते में तीन पदक
नीरू के लिए ये एशियाई खेल बेहद सफल रहे। उन्होंने मंगलवार को महिलाओं की ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था। वह इस स्पर्धा में एशियाई खेलों का व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय निशानेबाज बनीं। उस दौरान उन्होंने एशियाई रिकॉर्ड भी बनाया था।
इससे पहले नीरू ने महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में भारत को रजत पदक दिलाया था। मिश्रित टीम का स्वर्ण मिलाकर उनके खाते में अब तीन पदक हो गए हैं।
क्वालीफाइंग में चीन रहा शीर्ष पर
मिश्रित टीम स्पर्धा में कुल 12 टीमों ने हिस्सा लिया, जिनमें से चार ने फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। चीन ने 150 में से 142 अंक के साथ क्वालीफाइंग में पहला स्थान हासिल किया। कतर 139 अंक के साथ दूसरे और ईरान 138 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहा। भारत ने 136 अंक जुटाए।
क्वालीफाइंग में काइनन ने 73 अंक हासिल किए, जबकि नीरू का स्कोर 63 रहा। हालांकि फाइनल में दोनों ने अपने प्रदर्शन में सुधार किया। काइनन ने लगातार सटीक निशाने लगाए, जबकि नीरू ने शुरुआती लड़खड़ाहट के बाद शानदार वापसी की।
विश्व कप में भी साथ जीता था पदक
काइनन ने अपनी और नीरू की जोड़ी को भाग्यशाली बताया। दोनों इस साल विश्व कप में भी साथ खेलते हुए कांस्य पदक जीत चुके हैं। काइनन के पिता डेरियस भी राष्ट्रीय स्तर के शॉटगन निशानेबाज रहे हैं।
काइनन ने कहा कि वह और नीरू आगे भी मिश्रित टीम में साथ जोड़ी बनाकर खेलना चाहते हैं, हालांकि यह फैसला महासंघ पर निर्भर करेगा। वहीं, नीरू ने बताया कि क्वालीफाइंग में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने कहा कि मंगलवार की प्रतियोगिता के कारण शरीर में अकड़न थी और बारिश तथा ठंड का भी असर पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने फाइनल में वापसी करते हुए भारत को स्वर्ण पदक दिलाया।



