मुक्केबाजी: लवलीना स्वर्ण से एक जीत दूर, प्रिया और कपिल को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा

निशियो (जापान)। ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने बुधवार को यहां एशियाई खेलों में महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में जगह पक्की की, लेकिन प्रिया घंघास और कपिल पोखरिया को सेमीफाइनल में हारने के कारण कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।पिछले एशियाई खेलों की रजत पदक विजेता लवलीना ने 75 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबले में कजाकिस्तान की मुक्केबाज नतालिया बोगदानोवा पर 3-2 के विभाजित फैसले से जीत हासिल की। बोगदानोवा 70 किलोग्राम में मौजूदा विश्व चैंपियन हैं।इससे लवलीना लगातार दो बार एशियाई खेलों के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला मुक्केबाज बन गई हैं।प्रिया हालांकि महिलाओं के 60 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में चीन की पूर्व विश्व चैंपियन यांग चेंग्यू से हार गई और इस तरह से उन्हें कांस्य पदक मिला।
एशियाई खेलों में पदार्पण कर रही 20 वर्षीय प्रिया को अपने कहीं अधिक अनुभवी चीनी प्रतिद्वंद्वी से 1-4 से हार का सामना करना पड़ा।एक अन्य भारतीय मुक्केबाज कपिल भी पुरुषों के 90 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में उज्बेकिस्तान के मौजूदा विश्व चैंपियन तुराबेक खबीबुल्लाएव से 1-4 के समान अंतर से हार गए और उन्हें भी कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।भारतीय मुक्केबाजों ने पिछले एशियाई खेलों में एक रजत और तीन कांस्य पदक जीते थे लेकिन इस बार उसने छह पदक पक्के कर रखे हैं।
लवलीना के अलावा परवीन हुड्डा (65 किलोग्राम) और अंकुश पंघाल (80 किलोग्राम) पहले ही फाइनल में जगह बना चुके हैं और शुक्रवार को खिताबी मुकाबले में उतरेंगे।सुपर हेवीवेट मुक्केबाज नरेंदर बेरवाल ने मंगलवार को कांस्य पदक के साथ अपने अभियान का समापन किया।लवलीना ने धीमी शुरुआत के बावजूद कड़े मुकाबले में कजाकिस्तान की बोगदानोवा को हराया। इसमें दूसरे राउंड का उनका प्रदर्शन निर्णायक साबित हुआ जिसमें उन्होंने दबदबा बनाए रखा था।लवलीना ने कहा, ''यह शानदार अनुभव रहा। यह मेरे दूसरे एशियाई खेल हैं। पिछली बार मैंने रजत पदक जीता था। इसलिए इस बार मैं निश्चित रूप से स्वर्ण पदक जीतने की कोशिश करूंगी। देखते हैं फाइनल में क्या होता है।उन्होंने कहा, ''मुझे बहुत अच्छा लग रहा है क्योंकि यह मुकाबला काफी कठिन था। मैं पहले राउंड में हार गई थी लेकिन दूसरे राउंड में मैंने 5-0 से जीत हासिल की। यह वास्तव में कड़ा मुकाबला था और इसलिए मुझे खुशी है कि मैं जीत हासिल करने में सफल रही।
भारतीय खिलाड़ी ने सतर्क शुरुआत की। वह पहले राउंड में लय पाने के लिए संघर्ष कर रही थी, जिससे बोगदानोवा ने यह राउंड 3-2 से जीता।दूसरे राउंड में लवलीना ने जोरदार वापसी और अधिक सटीक मुक्के जड़े। बोगदानोवा ने इस राउंड के आखिर में वापसी करने की कोशिश की लेकिन लवलीना ने ऐसा नहीं होने दिया और यह राउंड 5-0 से जीतकर मुकाबला दिलचस्प बना दिया।कजाकिस्तान की खिलाड़ी ने तीसरे राउंड में आक्रामक रवैया अपनाया। उन्होंने यह राउंड 3-2 से जीता लेकिन लवलीना ने तीनों राउंड में अच्छा प्रदर्शन किया था और इस तरह से उन्होंने विभाजित फैसले में जीत हासिल की।तोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता लवलीना फाइनल में चीन की जÞयिी बाओ का सामना करेंगी।लवलीना ने कहा, ''फाइनल मेरे लिए ज्Þयादा कड़ा होगा। मैं अपनी तरफ से किसी तरह की कसर नहीं छोडूंगी और फिर निश्चित रूप से नतीजा मेरे पक्ष में होगा। मेरा मुकाबला चीनी प्रतिद्वंदी से होगा, इसलिए यह मुश्किल होगा, लेकिन मुझे सभी का आशीर्वाद और समर्थन हासिल है। कोच ने मुझे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए कहा है और मैं अपनी तरफ से पूरी कोशिश करूंगी।
अब तक कुछ ही अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाली प्रिया को पूर्व विश्व चैंपियन 30 वर्षीय यांग के खिलाफ अपनी अनुभवहीनता के कारण नुकसान उठाना पड़ा।यांग ने आक्रामक शुरुआत की, जिसके जवाब में प्रिया ने पलटवार किया। भारतीय मुक्केबाज ने कई मुक्के मारे, लेकिन वह सटीक नहीं थे।एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों की मौजूदा चैंपियन प्रिया ने दूसरे राउंड में थोड़ा बेहतर प्रदर्शन किया। लेकिन यांग यह राउंड भी जीतने में सफल रही। उन्होंने अंतिम राउंड में भी अपनी बढ़त बनाए रखते हुए 4-1 से जीत हासिल की।प्रिया ने कहा, ''मुझे अच्छा लग रहा है क्योंकि यह पहले एशियाई खेल हैं जिसमें मैंने भारत के लिए कांस्य पदक जीता है। इसलिए अगली बार मुझे उम्मीद है कि मैं स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहूंगी ।कपिल के लिए मौजूदा विश्व चैंपियन तुराबेक का मुकाबला करना आसान नहीं था और आखिर में ऐसा ही हुआ।कपिल को निष्क्रिय रहने का खामियाजा भुगतना पड़ा। रक्षण में मजबूत होने के बावजूद उन्होंने आक्रमण का कोई इरादा नहीं दिखाया। तुराबेक शुरू से ही आक्रामक बने रहे और आखिर तक उन्होंने अपनी रणनीति नहीं बदली।कपिल अंतिम क्षणों में अपेक्षित बढ़त हासिल नहीं कर पाए जिससे तुराबेक ने 4-1 से जीत दर्ज कर फाइनल में अपनी जगह पक्की की।



