ईशा सिंह 25 मीटर पिस्टल में स्वर्ण से महज एक निशाना चूकीं, रजत से करना पड़ा संतोष, मनु भाकर पदक से दूर
निर्धारित सीरीज के बाद दोनों निशानेबाजों के 38-38 अंक थे। निर्णायक शूट-ऑफ में ईशा अंतिम निशाने पर चूक गईं, जिससे उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

नागोया। भारतीय निशानेबाज ईशा सिंह ने सोमवार को एशियाई खेलों की महिला 25 मीटर पिस्टल व्यक्तिगत स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। हैदराबाद की 21 वर्षीय ईशा स्वर्ण पदक से महज एक निशाने से चूक गईं। लगातार पांच शूट-ऑफ के रोमांचक दौर के बाद उन्होंने रजत पदक पक्का किया।
इस वर्ग की मौजूदा विश्व नंबर एक ईशा ने रजत पदक की दौड़ में बने रहने के लिए तीन शूट-ऑफ जीते। इसके बाद स्वर्ण पदक के लिए उन्हें चीन की शियाओ जियारुईशुआन के खिलाफ दो और शूट-ऑफ से गुजरना पड़ा।
निर्धारित सीरीज के बाद दोनों निशानेबाजों के 38-38 अंक थे। निर्णायक शूट-ऑफ में ईशा अंतिम निशाने पर चूक गईं, जिससे उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। चीन की शियाओ जियारुईशुआन ने स्वर्ण पदक जीता। उत्तर कोरिया की किम ह्योन सुक ने ईशा के खिलाफ शूट-ऑफ में हारने के बाद 34 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया।
इससे पहले दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर फाइनल में जगह बनाने में नाकाम रहीं और इस तरह एशियाई खेलों में उनका अभियान पदक के बिना समाप्त हुआ। ईशा ने क्वालीफिकेशन में 580 अंक हासिल कर आठवें स्थान पर रहते हुए फाइनल में प्रवेश किया और भारत की पदक उम्मीदें कायम रखीं।
मनु भाकर ने क्वालीफिकेशन में 579 अंक बनाए और 11वें स्थान पर रहीं। यह स्कोर फाइनल में पहुंचने के लिए पर्याप्त नहीं था। इससे पहले मनु महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में भी पदक जीतने में नाकाम रही थीं।
महिला टीम स्पर्धा में भी भारत पदक की दौड़ में था, लेकिन अहम समय पर राही सरनोबत की एक चूक भारी पड़ गई। सरनोबत ने चौथी सीरीज में 39 अंक का स्कोर किया। इसके बाद भारतीय टीम की पदक की उम्मीदें समाप्त हो गईं। सरनोबत ने कुल 568 अंक के साथ 30वां स्थान हासिल किया।



