भाजपा ने विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगाया

पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि इंडिया अलायंस पिछले दो दिनों से लगातार एक संवैधानिक संस्था, चुनाव आयोग, को बदनाम करने का प्रयास कर रहा है। पंकज चौधरी ने कहा कि चुनाव आयोग के संयुक्त प्रेस नोट के बाद विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों और फैलाए जा रहे भ्रम की वास्तविकता सामने आ गई है।
पंकज चौधरी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों ने स्पष्ट किया है कि निर्वाचन आयोग द्वारा लिए जाने वाले फैसले सर्वसम्मति से लिए जाते हैं। पंकज चौधरी ने कहा कि 27 मई 2026 को सर्वोच्च न्यायालय भी एसआईआर से संबंधित चुनाव आयोग के आदेश को बरकरार रख चुका है। चुनाव आयोग ने 26 सितंबर 2026 के अपने प्रेस नोट में भी कहा है कि एसआईआर से संबंधित उसके फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मत मंजूरी से लिए गए थे। चौधरी ने कहा कि एक अखबार की रिपोर्ट को आधार बनाकर जिस प्रकार से सनसनी फैलाने का प्रयास किया जा रहा है, वह तथ्यों पर आधारित नहीं है।
पंकज चौधरी ने कहा कि कैबिनेट सचिव को लिखा गया पत्र किसी नीतिगत विषय या एसआईआर से संबंधित नहीं था, बल्कि चुनाव आयोग में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत एक अधिकारी के कामकाज से जुड़े प्रशासनिक विषय से संबंधित था। चुनाव आयोग ने भी अपने स्पष्टीकरण में यही बात कही है। चौधरी ने कहा कि राहुल गांधी और उनके सहयोगी जब जनता की अदालत में चुनाव हारते हैं, तो कभी ईवीएम, कभी चुनाव आयोग और कभी अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं।
पंकज चौधरी ने कहा कि विपक्ष द्वारा लगातार संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। पंकज चौधरी ने कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन द्वारा चुनाव प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर लगाए जा रहे आरोपों से भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की अंतरराष्ट्रीय छवि प्रभावित होती है। पंकज चौधरी ने कहा कि राजनीतिक दलों को किसी भी संवैधानिक संस्था पर आरोप लगाने से पहले तथ्यों की जांच करनी चाहिए और जनता को भ्रमित करने से बचना चाहिए।



