बरेली। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) द्वारा आयोजित प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) भर्ती परीक्षा के पहले दिन बुधवार को बरेली में दो सॉल्वर रंगेहाथ पकड़े गए। दोनों आरोपी वास्तविक अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा दे रहे थे। बायोमेट्रिक सत्यापन और थंब इंप्रेशन मिलान के दौरान उनकी पहचान उजागर हुई। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर अलग-अलग थानों में मुकदमा दर्ज किया है।
डेढ़ लाख रुपये में हुआ था सौदा
पहला मामला शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र का है। यहां आजमगढ़ निवासी प्रमोद कुमार यादव फर्रुखाबाद निवासी अभ्यर्थी विजय प्रताप सिंह के स्थान पर विज्ञान विषय की परीक्षा दे रहा था। जांच के दौरान उसके आधार कार्ड, प्रवेश पत्र और बायोमेट्रिक विवरण में गड़बड़ी पाई गई।
पूछताछ में प्रमोद ने स्वीकार किया कि विजय प्रताप सिंह की जगह परीक्षा देने के लिए उसके साथ करीब डेढ़ लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। उसे अग्रिम भुगतान भी किया गया था, जबकि शेष रकम चयन होने के बाद मिलनी थी।
बरेली कॉलेज में दूसरा सॉल्वर गिरफ्तार
दूसरा मामला थाना बारादरी क्षेत्र स्थित बरेली कॉलेज परीक्षा केंद्र का है। यहां अमेठी निवासी राम मनोहर प्रजापति, जो वर्तमान में प्रयागराज में रह रहा है, रविंद्र नामक अभ्यर्थी की जगह सामाजिक विज्ञान की परीक्षा देता हुआ पकड़ा गया। पूछताछ में उसने भी मोटी रकम लेकर सॉल्वर बनने की बात स्वीकार की।
बायोमेट्रिक और थंब इंप्रेशन ने खोली सच्चाई
परीक्षा शुरू होने के बाद स्टेटिक मजिस्ट्रेट और कॉलेज प्रशासन की टीम ने अभ्यर्थियों के आधार कार्ड, प्रवेश पत्र, फोटो और थंब इंप्रेशन का मिलान किया। दोनों आरोपियों का बायोमेट्रिक डेटा रिकॉर्ड से मेल नहीं खाया। कड़ी पूछताछ में उन्होंने स्वीकार कर लिया कि वे असली अभ्यर्थी नहीं हैं।
निष्पक्ष परीक्षा के लिए सख्त निगरानी
परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षक एवं पूर्व आईजी डॉ. राकेश सिंह ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और बायोमेट्रिक सत्यापन की समीक्षा की।
डॉ. राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार भर्ती परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कराई जा रही हैं। नकल और फर्जीवाड़े के प्रति सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू है ताकि मेधावी अभ्यर्थियों के हित सुरक्षित रह सकें।
उन्होंने बताया कि अक्टूबर तक शिक्षक भर्ती और प्रधानाचार्य चयन सहित करीब पांच महत्वपूर्ण परीक्षाएं प्रस्तावित हैं, जिनके लिए सुरक्षा और निगरानी की विस्तृत रणनीति तैयार कर ली गई है।
पुलिस कर रही असली अभ्यर्थियों की तलाश
पुलिस ने दोनों सॉल्वरों के खिलाफ संबंधित थानों में मुकदमा दर्ज कर लिया है। जिन अभ्यर्थियों के स्थान पर वे परीक्षा दे रहे थे, उनकी तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।










