‘हम पाकिस्तान के सांसद नहीं, भारत के सांसद हैं’
अधिकारियों पर भके सपा सांसद आनंद भदौरिया, योजनाओं की जानकारी न देने पर नाराजगी
एस.पी.तिवारी। लखीमपुर-खीरी
जिले में दिशा समिति (जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति) की बैठक के दौरान धौरहरा से सपा सांसद आनंद भदौरिया और अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी जनप्रतिनिधियों को न दिए जाने पर सांसद ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को प्रोटोकॉल और जनप्रतिनिधियों के सम्मान का पाठ पढ़ाया। बैठक के दौरान सांसद आनंद भदौरिया ने अधिकारियों से कहा- सांसद किसी पार्टी का नहीं होता, देश का होता है। हम भारत के सांसद हैं। उन्होंने सरकारी कार्यक्रमों में सांसद और अन्य जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित न किए जाने पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। दिशा समिति की बैठक जिले में चल रही केंद्र और राज्य सरकार की विकास योजनाओं की समीक्षा के लिए आयोजित की गई थी।
बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई और जनप्रतिनिधियों ने योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े मुद्दे उठाए। बैठक में जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, खीरी सांसद उत्कर्ष वर्मा और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। हालांकि बैठक में सत्तारूढ़ भाजपा का कोई विधायक शामिल नहीं हुआ।
विकास परियोजनाओं में नाम न लिखने पर नाराज दिखे:
बैठक में सांसद आनंद भदौरिया ने कहा- कई विभागों की ओर से नगर निगम, नगर पंचायत, जिला पंचायत और ब्लॉक स्तर की विकास परियोजनाओं के शुभारंभ के बारे में जनप्रतिनिधियों को नहीं दी जाती। इससे न केवल प्रोटोकॉल का उल्लंघन होता है, बल्कि जनता के प्रतिनिधियों की उपेक्षा भी होती है। उन्होंने अधिकारियों को भविष्य में ऐसी स्थिति न होने की चेतावनी देते हुए कहा, सांसद चाहे सत्ता पक्ष का हो या विपक्ष का। सांसद सांसद होता है। इसलिए विपक्ष का चेहरा समझने की बजाय, मुझे से एक सांसद के तौर पर देखा जाए और शासन के निर्देशों के तहत केंद्र और राज्य सरकार की हर योजनाओं की जानकारी दी जाए।
उद्योग विभाग से मांगी लाभार्थियों की सूची:
बैठक के दौरान सांसद ने जिला उद्योग अधिकारी से केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ पाने वाले लोगों की पूरी सूची सार्वजनिक करने को कहा। उन्होंने लाभार्थियों के नाम, प्रोजेक्ट का विवरण और चयन प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की। धौरहरा सांसद ने कहा कि योजनाओं में पारदर्शिता होना जरूरी है और जनता को यह जानकारी मिलनी चाहिए कि किसे और किस आधार पर सरकारी लाभ दिया गया है।
नगर पालिकाध्यक्ष ने भी उठाए सवाल!
वही बैठक में गोला पालिका परिषद के अध्यक्ष विजय शुक्ला रिंकू ने भी जल निगम के कार्यों को लेकर शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि कई विकास कार्यों में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है, जिससे जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कौन हैं सांसद आनंद भदौरिया!
आनंद भदौरिया समाजवादी पार्टी के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं और वर्तमान में धौरहरा लोकसभा सीट से सांसद हैं। छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करने वाले भदौरिया सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की कोर टीम के अहम सदस्य माने जाते हैं। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में धौरहरा सीट से भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा को कड़े मुकाबले में हराकर संसद पहुंचने में सफलता हासिल की। इससे पहले वे वर्ष 2016 से 2022 तक सीतापुर स्थानीय निकाय क्षेत्र से उत्तर प्रदेश विधान परिषद (एमएलसी) के सदस्य रह चुके हैं। संसद में उनकी पहचान बेरोजगारी, महिला आरक्षण और किसानों से जुड़े मुद्दों पर मुखरता से पार्टी का पक्ष रखने वाले नेता के रूप में है।










