पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ । इटौंजा क्षेत्र में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की फर्जी बुकिंग कर लाखों रुपये के कैमरे और अन्य उपकरण लूटने वाली वारदात का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने घटना में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटे गए अधिकांश उपकरण बरामद कर लिए हैं। मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि पीड़ित का सहयोगी ही पूरे षड्यंत्र का मास्टरमाइंड निकला।
डीसीपी उत्तरी गोपाल कृष्ण चौधरी ने प्रेसवार्ता में बताया कि माल थाना क्षेत्र के रानीखेड़ा निवासी पेशेवर वीडियोग्राफर अशोक यादव को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से जन्मदिन समारोह की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के लिए बुकिंग दी गई थी।तय कार्यक्रम के अनुसार जब वह अपने साथियों के साथ उपकरण लेकर बताए गए स्थान पर जा रहे थे,तभी इटौंजा थाना अंतर्गत हीरापुरवा तिराहे के पास बदमाशों ने उनकी कार रोककर तमंचे के बल पर कैमरे,लेंस,मोबाइल फोन और अन्य महंगे उपकरण लूट लिए थे।
घटना के खुलासे के लिए स्वाट, सर्विलांस और इटौंजा पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई थीं। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने राम अनुज, विपिन मिश्रा उर्फ दुर्लभ मिश्रा और रोहन कुमार शर्मा को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि रोहन कुमार शर्मा, जो पीड़ित के साथ काम करता था, ने ही उसके कार्यक्रम, लोकेशन और महंगे उपकरणों की जानकारी गिरोह को देकर पूरी साजिश रची थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो वीडियो कैमरे, पांच लेंस, दो गिम्बल, लाइट सेटअप, चार मोबाइल फोन, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल,एक अवैध तमंचा और कारतूस बरामद किया। आरोपियों के खिलाफ लूट के मुकदमे में आर्म्स एक्ट समेत अन्य धाराओं की बढ़ोतरी कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। डीसीपी ने बताया कि त्वरित कार्रवाई कर घटना का सफल अनावरण करने वाली पुलिस टीम को 10 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से पुरस्कृत किया जाएगा।










