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यूपी के 3,126 सरकारी स्कूलों का होगा कायाकल्प, योगी सरकार ने मंजूर किए ₹604 करोड़

यूपी के 3,126 सरकारी स्कूलों का होगा कायाकल्प, योगी सरकार ने मंजूर किए ₹604 करोड़

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के 3,126 परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पुनर्निर्माण, मरम्मत और जरूरी निर्माण कार्य कराए जाएंगे। इसके लिए सरकार ने कुल ₹604 करोड़ की धनराशि मंजूर की है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से ₹302 करोड़ की पहली किस्त जारी किए जाने के बाद अब संबंधित स्कूलों में काम शुरू कराने की प्रक्रिया तेज हो गई है।

सरकार की इस योजना का उद्देश्य केवल जर्जर भवनों की मरम्मत तक सीमित नहीं है। स्कूलों में निर्धारित मानकों के अनुरूप जरूरी निर्माण और सुविधाओं को विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित, बेहतर और सुविधाजनक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

3,126 स्कूलों में होंगे निर्माण और मरम्मत के काम

प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में संचालित परिषदीय स्कूलों में लंबे समय से भवन, कमरों और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी जरूरतें सामने आती रही हैं। अब चयनित 3,126 स्कूलों में आवश्यकता के अनुसार पुनर्निर्माण, मरम्मत और अन्य जरूरी निर्माण कार्य कराए जाएंगे।बेसिक शिक्षा विभाग ने परियोजना के लिए पहली किस्त जारी कर दी है। इससे संबंधित विभागों और स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। अगले चरण में स्कूलवार जरूरत के अनुसार काम को जमीन पर उतारने की तैयारी है।

सिर्फ भवन नहीं, बदलेगा स्कूल का माहौल

सरकार की योजना का फोकस केवल दीवार, छत या कमरों की मरम्मत पर नहीं है। कोशिश यह है कि बच्चों को ऐसा स्कूल वातावरण मिले, जहां सुरक्षा, स्वच्छता, सुविधाओं और पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध हो।आज सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की जरूरतें भी तेजी से बदल रही हैं। डिजिटल तकनीक, आधुनिक शैक्षणिक संसाधन और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर अब शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में सरकारी विद्यालयों को भी बदलते समय के अनुरूप तैयार करना बड़ी चुनौती है।

Gen-Z और Gen-Alpha की जरूरतों पर जोर

आज की नई पीढ़ी को Gen-Z और Gen-Alpha के तौर पर पहचाना जाता है। ये बच्चे तकनीक और डिजिटल संसाधनों के दौर में बड़े हो रहे हैं। ऐसे में स्कूलों में केवल पारंपरिक भवन और कक्षाएं पर्याप्त नहीं मानी जातीं।सरकारी स्कूलों के कायाकल्प की यह योजना इसी बदलती जरूरत को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि निर्माण और मरम्मत का काम निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा होता है, तो इसका सीधा असर विद्यार्थियों के रोजमर्रा के स्कूल अनुभव पर पड़ सकता है।

लाखों बच्चों को मिल सकता है फायदा

3,126 स्कूलों में होने वाले निर्माण और मरम्मत कार्य का असर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों पर पड़ने की उम्मीद है। बेहतर भवन, सुरक्षित परिसर और जरूरी सुविधाएं बच्चों को पढ़ाई के लिए अधिक अनुकूल माहौल उपलब्ध करा सकती हैं।हालांकि योजना की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि स्वीकृत धनराशि का इस्तेमाल किस तरह होता है और निर्माण कार्य कितनी गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाते हैं। फिलहाल ₹302 करोड़ की पहली किस्त जारी होने के बाद सरकार ने परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

कुल मिलाकर, ₹604 करोड़ का यह स्कूल कायाकल्प अभियान उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों की बुनियादी तस्वीर बदलने की कोशिश है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि योजना कागज से निकलकर जमीन पर कितनी तेजी और गुणवत्ता के साथ लागू होती है।

 

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