कोर्ट के लॉकअप में गूंजी किलकारी, महिला बंदी ने बच्चे को दिया जन्म

पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। न्यायालय परिसर में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पेशी के लिए लाई गई एक गर्भवती महिला बंदी को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। महिला को अस्पताल ले जाने की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान उसने कोर्ट परिसर के लॉकअप में ही बच्चे को जन्म दे दिया। घटना के बाद महिला बंदी और नवजात को तत्काल वीरांगना अवंतीबाई चिकित्सालय भेजा गया। जहां दोनों को भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। जेल प्रशासन के मुताबिक महिला और नवजात दोनों स्वस्थ हैं।
जिला जेल के जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी ने बताया कि कुशीनगर के रामकोला निवासी विवेक की पत्नी तारा गत 27 अगस्त 2026 से चोरी के मामले में जिला जेल में बंद है। जेल में दाखिल किए जाने के समय तारा गर्भवती थी। जेल प्रशासन उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखे हुए था। जेल प्रशासन के मुताबिक गत 15 सितंबर को तारा को अल्ट्रासाउंड के लिए चिकित्सकों के पास भेजा गया था। जांच के बाद चिकित्सकों ने प्रसव की संभावित तारीख आठ अक्टूबर बताई थी। शुक्रवार दोपहर तारा को एक अन्य मामले में पेशी के लिए न्यायालय लाया गया था।
पेशी से पहले उसे कोर्ट परिसर स्थित लॉकअप में रखा गया था। लॉकअप में पहुंचने के कुछ देर बाद ही तारा को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। इसकी जानकारी मिलते ही कर्मचारियों ने तत्काल सहायता की व्यवस्था की और उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी शुरू कर दी। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही महिला ने लॉकअप में बच्चे को जन्म दे दिया। बच्चे के जन्म के बाद न्यायालय परिसर में मौजूद कर्मचारियों ने तत्काल महिला बंदी और नवजात को चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई।
दोनों को वीरांगना अवंतीबाई चिकित्सालय भेजा गया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें भर्ती कर उपचार शुरू किया। जेल प्रशासन के अनुसार महिला बंदी और नवजात की हालत ठीक है। इसके अलावा जेलर ऋतिक प्रियदर्शी ने बताया कि तारा की प्रसव संबंधी जांच पहले ही कराई गई थी और चिकित्सकों ने आठ अक्टूबर की संभावित तारीख बताई थी। इसके बावजूद प्रसव की प्रक्रिया निर्धारित तारीख से पहले ही शुरू हो गई और न्यायालय के लॉकअप में महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया।



