तमसा तट की मछली मंडी से पहले ही बेहाल था मार्ग, अब सड़क को ही बना दिया कूड़ाघर

नगर पालिका की मनमानी चरम पर, बड़े हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन?

पायनियन संवाददाता। जलालपुर, अंबेडकरनगर

नगर पालिका परिषद जलालपुर की लापरवाही और मनमानी अब जनता की सहनशक्ति की परीक्षा लेने लगी है। तमसा नदी किनारे संचालित मछली मंडी से पहले ही जलालपुर-बसखारी मुख्य मार्ग जाम, दुर्गंध और गंदगी की समस्या से कराह रहा था, लेकिन नगर पालिका ने हालात सुधारने के बजाय सड़क पर ही कचरा डालकर लोगों की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। ऐसा प्रतीत होता है कि जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़े हादसे के बाद ही जागने का इंतजार कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि तमसा तट पर लगने वाली मछली मंडी के कारण प्रतिदिन सड़क पर भारी भीड़ और वाहनों की लंबी कतारें लगती हैं। मछलियों के अपशिष्ट से उठने वाली दुर्गंध और गंदगी से राहगीरों का निकलना पहले ही मुश्किल था, लेकिन अब नगर पालिका द्वारा सड़क किनारे ही नहीं बल्कि कई जगह सीधे सड़क पर कचरा फेंके जाने से स्थिति बदतर हो गई है।

क्षेत्रवासियों का आरोप है कि नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी जनता की समस्याओं से पूरी तरह बेखबर हैं। सड़क पर पड़े कूड़े के ढेरों ने मार्ग की चौड़ाई कम कर दी है, जिससे वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालक कचरे से बचने के प्रयास में कभी भी दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं, जबकि भारी वाहनों के गुजरने में भी भारी परेशानी हो रही है।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि बरसात का मौसम सिर पर है। यदि यही हाल रहा तो सड़क पर पड़ा कचरा फिसलन की स्थिति बनेगी। ऐसे में किसी भी समय गंभीर सड़क दुर्घटना हो सकती है। सवाल यह है कि क्या नगर पालिका प्रशासन किसी बड़े हादसे के बाद कार्रवाई करेगा?

स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन जलालपुर की तस्वीर सरकारी दावों की पोल खोल रही है। सड़क किनारे सड़ते कचरे से उठ रही दुर्गंध ने दुकानदारों, राहगीरों और स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल कर दिया है। यह सिर्फ सफाई व्यवस्था की विफलता नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य के साथ खुला खिलवाड़ भी है।

क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तमसा नदी किनारे स्थित मछली मंडी और जलालपुर-बसखारी मार्ग पर फैली अव्यवस्थाओं की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, सड़क पर डाले गए कचरे को तत्काल हटाया जाए तथा इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो किसी भी बड़े हादसे की पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी।

नगर पालिका ईओ जलालपुर अरविंद कुमार से संपर्क किया गया तो उनका फोन नहीं उठा।

Chief Sub-editor Pioneer Hindi

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