स्वतंत्रनिर्भीक पत्रकारिता
BREAKING NEWS
लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान से विपक्ष को घेरने की तैयारी में भाजपाराजधानी सहित पश्चिमी यूपी व पूर्वांचल में बारिश व तेज हवाओं का सिलसिला जारीडंपर की टक्कर से पति-पत्नी की मौत, बेटा गंभीरक्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर 3.60 लाख उड़ाएबहुत किया इंतजार... आज पूरा हुआ आवास का सपनादीपावली से पहले पटाखा बनाने वालों पर पुलिस का पहरायोगी सरकार की पहल: धनतेरस पर प्रदेश की सभी मंडियों में मनेगा दीपोत्सवगांवों में जल गुणवत्ता जांच में देश में दूसरे स्थान पर यूपीदेश के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम के रूप में उभरा यूपीसीएम योगी ने पूर्व राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा के निधन पर शोक जतायालोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान से विपक्ष को घेरने की तैयारी में भाजपाराजधानी सहित पश्चिमी यूपी व पूर्वांचल में बारिश व तेज हवाओं का सिलसिला जारीडंपर की टक्कर से पति-पत्नी की मौत, बेटा गंभीरक्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर 3.60 लाख उड़ाएबहुत किया इंतजार... आज पूरा हुआ आवास का सपनादीपावली से पहले पटाखा बनाने वालों पर पुलिस का पहरायोगी सरकार की पहल: धनतेरस पर प्रदेश की सभी मंडियों में मनेगा दीपोत्सवगांवों में जल गुणवत्ता जांच में देश में दूसरे स्थान पर यूपीदेश के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम के रूप में उभरा यूपीसीएम योगी ने पूर्व राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा के निधन पर शोक जताया

अंकिता हत्याकांड में आरोपियों को फिर नहीं मिली जमानत

अंकिता हत्याकांड में आरोपियों को फिर नहीं मिली जमानत
  • धामी सरकार की मजबूत पैरवी का दावा

पायनियर समाचार सेवा। नैनीताल। अंकिता भंडारी हत्याकांड में आरोपियों को एक बार फिर न्यायालय से राहत नहीं मिली। सभी आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज होने के बाद प्रदेश सरकार ने इसे अभियोजन की प्रभावी पैरवी और मामले में अपनाई गई सख्त कार्रवाई का परिणाम बताया है। सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में शुरूआत से ही दोषियों को कानून के तहत कड़ी सजा दिलाने को प्राथमिकता दी गई।
घटना सामने आने के बाद आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी कर मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी। पुलिस ने विस्तृत विवेचना के बाद करीब 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें लगभग 100 गवाहों के बयान और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य शामिल किए गए। आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई।
सरकार का कहना है कि मजबूत जांच और लगातार प्रभावी पैरवी के चलते आरोपियों की जमानत अर्जियां कई बार खारिज हुईं। मामले की सुनवाई के बाद दोषियों को उम्रकैद की सजा भी सुनाई गई।
अंकिता के परिवार की मांगों को देखते हुए सरकार ने सरकारी अधिवक्ता में बदलाव किए। वहीं, परिजनों की मांग पर सीबीआई जांच के आदेश भी दिए गए। परिवार को ₹25 लाख की आर्थिक सहायता देने के साथ अंकिता के भाई और पिता को रोजगार उपलब्ध कराने की बात भी सरकार ने कही। सरकार ने कहा कि अंकिता प्रकरण में न्याय सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता रही है और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

साझा करें:fxw
हर खबर, हर पल — जुड़े रहें!हर बड़ी खबर सबसे पहले पाने के लिए हमारे न्यूज़लेटर से जुड़ें