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काला धन लोकतंत्र और चुनावी निष्पक्षता को कमजोर करता है : सुप्रीम कोर्ट

काला धन लोकतंत्र और चुनावी निष्पक्षता को कमजोर करता है : सुप्रीम कोर्ट

एजेंसी। नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक अहम फैसले में कहा कि काला धन लोकतंत्र को खोखला करता है और मतदाताओं की स्वतंत्र पसंद को प्रभावित करता है। कोर्ट ने चुनावी प्रक्रिया में गैर-कानूनी तरीके से कमाए गए धन के इस्तेमाल पर गहरी चिंता जताई। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जब कैश या संपत्ति जब्त की जाती है, तो 24 घंटे के भीतर इसकी जानकारी मजिस्ट्रेट को देनी होगी। साथ ही, जांच अधिकारियों को एफआईआर दर्ज होने की तारीख से एक साल के भीतर जांच पूरी करने का प्रयास करने का निर्देश दिया गया है।

लंबित मामलों और विशेष अदालतों पर जोर

चुनावों में काले धन के मामलों और लंबित मुकदमों को तेजी से निपटाने के लिए विशेष अदालतों के गठन पर जोर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग और राज्य सरकारों को इन निदेर्शों के पालन की रिपोर्ट 18 नवंबर, 2026 तक दाखिल करने को कहा है।

 

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